75 फीसदी की अनिवार्य हाजिरी को लेकर एएमयू में जारी धरना प्रदर्शन मंगलवार को खत्म हो गया। कुलपति ने छात्रों की मांग मान ली है।
अब विषयवार 60 फीसदी और कुल मिला कर 65 फीसदी उपस्थिति वाले छात्र छात्राएं हाल टिकट लेकर परीक्षाओं में बेरोकटोक शामिल हो पाएंगे।
कुलपतिजमीरउद्दीन शाह के निर्देश पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. जावेद अख्तर ने सभी संकायों के डीन, कोआर्डिनेटर, सभी स्कूलों के प्रिंसिपल और वीमेंस कालेज की प्रिंसिपल को इस संबंध में लिखित पत्र जारी कर दिया है।
जिसमें स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक विषय में 60 फीसदी उपस्थिति को परीक्षा में शामिल होने का आधार माना जाएगा। छात्र छात्राओं को सभी विषयों में कुल मिला कर 65 फीसदी उपस्थिति दिखानी होगी। अन्यथा की सूरत में वह परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे।
मेडिसन और यूनानी मेडिसन विभाग को इस लिखित निर्देश से अलग रखा गया है। विवि के इस फैसले से लगभग ढाई से तीन हजार छात्रों को बड़ी राहत मिली है।
इधर, मंगलवार दोपहर 12 बजे के करीब छात्रों ने एएमयू के प्रशासनिक भवन का घेराव किया और बाहर रोड पर मोटरसाइकिलें खड़ी कर रास्ता जाम कर दिया। काफी देर तक छात्रों ने अपना विरोध जाहिर कर इंतजामिया के खिलाफ नारेबाजी।
उल्लेखनीय है कि एएमयू के छात्र-छात्राओं ने 75 फीसदी हाजिरी की अनिवार्यता कोे घटाकर 60 फीसदी करने की मांग को लेकर सोेमवार को भी प्रशासनिक भवन का घेराव किया था।
सोमवार को सह कुलपति ने इन्हें इस सिलसिले में आश्वासन दिया था कि उनकी मांगों पर विचार हो रहा है। छात्रों को जब मंगलवार की सुबह इस बारे में कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला तो वह फिर उत्तेजित हो गए।
छात्रों की मांग थी कि 60 फीसदी उपस्थिति पर उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए। धरनारत छात्रों के समक्ष पहुंचे यूनिवर्सिटी के अधिकारी भी छात्रों के निशाने पर रहे।
छात्रों ने स्पष्ट कह दिया कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। बाद में उन्हें भरोसा दिलाया गया कि आज ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। तब जाकर छात्रों ने जाम खोला।