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अरविंद का कांग्रेस में जाना कहीं परिवार में राजनीतिक विद्रोह तो नहीं
भाजपा एमएलसी ठा. जयवीर सिंह पुत्र अरविंद को कांग्रेस ने नोएडा से दिया टिकट, अलीगढ़ से 2014 में लड़े थे लोकसभा चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। बसपा शासनकाल में कद्दावर मंत्री रहे वर्तमान में वरिष्ठ भाजपा नेता व एमएलसी ठा.जयवीर सिंह के बड़े बेटे ठा.अरविंद सिंह को लेकर चल रहे कयास सही साबित हुए। उन्हें कांग्रेस ने गौतमबुद्ध नगर सीट से लोकसभा का टिकट दिया है। बता दें कि अरविंद सिंह 2014 में अलीगढ़ लोकसभा सीट से बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। अब उनके कांग्रेस के साथ जाने की खबर पर खुद जयवीर सिंह परिवार और समर्थकों में खलबली है, क्योंकि जयवीर सिंह अलीगढ़ से अपने छोटे बेटे अभिमन्यू के लिए भाजपा से टिकट पाने की लाइन में हैं। अरविंद के कांग्रेस में जाने के कदम को राजनीतिक जानकार परिवार में राजनीतिक विद्रोह मान रहे हैं।
बता दें कि ठा.जयवीर सिंह ने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत बसपा से की और बसपा में कद्दावर ठाकुर चेहरे के रूप में रहे। जिले की बरौली सीट से बसपा से दो बार खुद विधायक रहे। एक बार उनकी पत्नी राजकुमारी चौहान बसपा से ही लोकसभा चुनाव जीतीं। इसके अलावा वह खुद दो बार विधायकी हारे हैं और एक बार लोकसभा चुनाव भी हारे हैं। 2014 का चुनाव उन्होंने अपने बड़े बेटे अरविंद को लड़ाया था, जिसमें वह सतीश गौतम के सामने 2 लाख 27 हजार वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस चुनाव को हारने के बाद से अरविंद की जिले में राजनीतिक सक्त्रिस्यता नहीं थे। मगर पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर वह राजनीतिक चर्चाएं कर यह बताने की कोशिश कर रहे थे कि वह आने वाला चुनाव लड़ेंगे। फिर उनके फेसबुक पेज पर कांग्रेस के रंग का झंडा देख लोग अनुमान लगा रहे थे कि वह कहीं कांग्रेस में तो नहीं जा रहे। पिछले दिनों नोएडा में ही उन्होंने अपने होर्डिंग भी लगवा दिए थे। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद जयवीर सिंह ने बसपा के एमएलसी पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली और फिर भाजपा से एमएलसी भी बने हैं। वर्तमान में उनके भतीजे उपेंद्र सिंह नीटू यहां जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और छोटे बेटे अभिमन्यू के लिए वह लोकसभा अलीगढ़ का टिकट भी मांग रहे हैं। अब यह आने वाला समय बताएगा कि वह पार्टी से बगावत करके क्या अपने बेटे को कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाने जाएंगे या नहीं। अगर नहीं तो यह परिवार में राजनीतिक विद्रोह के रूप में देखा जा रहा है।
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कांग्रेस की खबर के लिए--

बंसल के खेमे में मायूसी, बिजेंद्र खेमा खुश
कांग्रेस की टिकट को लेकर लंबे समय से बिजेंद्र सिंह व विवेक बंसल प्रयासरत थे। दोनों अपने अपने स्तर से दावेदारी कर रहे थे। संगठन में मजबूत पकड़ के चलते यह माना जा रहा था कि विवेक बंसल इस बार टिकट पाने में सफल रहेंगे। मगर बिजेंद्र पहले से कह रहे थे कि वह हर हाल में चुनाव लड़ेंगे। मगर पार्टी ने बिजेंद्र को टिकट दे दिया। इसके बाद बंसल खेमे में मायूसी है और बिजेंद्र खेमे में खुशी है।
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