न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
दीपावली खत्म होने के बाद अब बिहार जाने वाली ट्रेनों में छठ पूजा की भीड़ है। यात्रियों का बिहार जाना मुश्किल हो गया है। अलीगढ़ से बिहार जाने वाली ट्रेनों में आरक्षण के लिए लंबी कतार है। लोकल ट्रेनों में भी शनिवार को भाईदूज की अच्छी भीड़ थी। भीड़ होने के बाद भी स्टेशन पर यात्री सुरक्षा के कोई कड़े इंतजाम नहीं हैं।
छठ की शुरुआत 11 नवंबर से होगी। 12 को खरना और 14 नवंबर को सूर्य को अघर्य देने के साथी ही इसका समापन हो जाएगा। पूर्वांचल का यह प्रसिद्ध त्योहार है। ऐसे में नौकरी पेशा लोग परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए बिहार जा रहे हैं। कुछ लोग दीपावली से पहले ही अपने घर जा चुके हैं। बिहार जाने वाली ट्रेनों में वर्तमान काफी लंबी वेटिंग है।
तत्काल टिकट पर भी रोजाना सुबह लंबी कतार लग जाती है। कुच लोग रात में ही आरक्षण केंद्र पर आ जाते हैं। इधर भाईदूज पर अपने भाइयों को टीका कर घर लौट रही बहनों की भी ट्रेन में भीड़ रही। स्थिति यह थी कि ट्रेनों में पैर रखने की जगह तक नहीं थी। कोई आपातकालीन खिड़की से ट्रेंन के अंदर जाने का प्रयास कर रहा था, तो कोई शौचालय में बैठकर ही सफर करने को मजबूर था। जिसको जहां जगह मिल रही थी वहीं बैठकर या खड़े होकर यात्रा करने को तैयार था।
आरक्षण डिब्बों का भी जनरल डिब्बों जैसा हाल था। जनरल डिब्बों में तो लाग पायदान पर खड़े होकर जान हथेली पर रखकर इस आस में सफर कर रहे थे कि शायद अगले स्टेशन पर ट्रेन में जगह हो जाए और वे अंदर जा सकें। बिहार की ट्रेनों में भीड़ होने से लोकल पैसेंजर को काफी परेशानी हुई। दीवाली के समाप्त होने के बाद अब अलीगढ़ और आसपास के लोग नौकरी पर वापस जाने के लिए ट्रेनों का रुख कर रहे हैं। लेकिन, भीड़ होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं। ऐसे में वह रोडवेज और टैक्सी गाड़ी का भी सहारा ले रहे हैं।
इन ट्रेनों में रही भीड़
स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, मुरी एक्सप्रेस, कालका मेल, महानंदा, नार्थ इस्ट एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, दिल्ली-अलीगढ़ पैसेंजर, बरेली पैसेंजर।
यात्री सुरक्षा को लेकर कोई विशेष इंतजाम नहीं
स्टेशन पर शनिवार को यात्रियों को अच्छी खासी भीड़ थी। प्लेटफार्म पर लोग अपनी ट्रेन आने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर आती थी तो लोग उसमें अंदर प्रवेश के लिए जी जान लगा देते। कोई खिड़की के रास्ते, तो कोई छत पर तो धक्का-मुक्की कर। इस दौरान कुछ लोग स्टेशन पर गिर भी गए। उनके हल्की-फुल्की चोटें भी आईं। आरपीएफ और जाआरपी के जवान स्टेशन पर गश्त तो दे रहे थे। लेकिन, यात्री सुरक्षा को लेकर वह ज्यादा सक्रिय नहीं दिखे।