क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
थाना इगलास क्षेत्र के एक गांव में सन 2015 में नाली के विवाद में एक महिला पर तेजाब फेंकने के मामले में अदालत ने आरोपी पिता और पुुत्र को 10-10 वर्ष की कैद की सजा सुनाई है।
वरिष्ठ एडीजीसी जितेंद्र सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता वीर पाल सिंह जादौन ने बताया कि 31 दिसंबर 2015 को सुबह एक महिला घर पर अकेली थी। उसका पति खेत पर था। तभी हमलावर घर में घुस आए और महिला और उसके बच्चे को तेजाब डालकर जला दिया।
इसके बाद हमलावर भाग गए। महिला और बच्चे की चीख निकलने पर उसके परिवार के और सदस्य आ गए। जख्मी हालत में महिला और बच्चे को जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज ले जाया गया।
घटना की रिपोर्ट 31 दिसंबर 2015 को कोतवाली इगलास में दर्ज करायी गई। मेडिकल कालेज में प्लास्टिक सर्जरी विभाग में घायलों का इलाज चला। इस मामले में अदालत ने गोरई निवासी कुंवरपाल और सुंदर को दोषी पाया।
जिसके बाद 10 -10 वर्ष की कैद और 10-10 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। दीवानी परिसर में इस बात को लेकर चर्चा थी कि जब से तेजाब हमले को लेकर नया एक्ट बनाया गया है जिले में यह इस प्रकार का पहला विवरण है।
अगवा कर दुष्कर्म में महिला सहित दो को सात साल की कैद
किशोरी को बहला फुसला कर भगा ले जाने और दुष्कर्म किए जाने के मामले में अदालत ने महिला सहित दो आरोपियों को सात वर्ष की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। एडीजीसी जीतू वार्ष्णेय ने बताया कि देहली गेट इलाके से अप्रैल 2014 में एक किशोरी को बहला फुलसा कर अगवा कर लिया गया। उसके साथ दुष्कर्म किया गया। बाद में किशोरी को बरामद किया गया और इस मामले की रिपोर्ट तीन लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद मेहराज बेगम, पत्नी अजीमुद्दीन निवासी अक्सा मसजिद, रोरावर थाना देहली गेट और कासिम पुत्र आस मोहम्मद निवासी मजहर वाली कोठी, उमर मसजिद वाली गली देहली गेट को दोषी माना। इनको सात सात वर्ष की कैद और 10-10 हजार रुपये अर्थ दंड अदा करने की सजा सुनाई है।