एएमयू के शिक्षक होने लगे गोलबंद
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
छात्र नेता द्वारा शिक्षक पर चाकू से हमला करने का आरोप लगाने के बाद एएमयू से हड़कंप की स्थिति है। इससे शिक्षकों की गोलबंदी शुरू हो गई है। राजनीति विज्ञान विभाग के आरोपी शिक्षकों के बचाव में अमुटा पदाधिकारी सड़क पर उतर आए है। इसको लेकर शिक्षक नेता एएमयू वीसी और थाना सिविल लाइन में पुलिस से मिले।
मंगलवार को अमुटा सचिव मुस्तफा जैदी के नेतृत्व में शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल एएमयू वीसी प्रो. तारिक मंसूर से मिला। उससे पूर्व प्रतिनिधिमंडल ने थाना सिविल लाइन जाकर पुलिस अधिकारी से मुलाकात की। थाना में मामला पहुंचने के बाद शिक्षकों को बदनामी का डर सता रहा है।
शिक्षक इस बात को लेकर हैरान है कि प्रॉक्टर ऑफिस द्वारा आखिर कैसे छात्र की शिकायत को थाने में फारवर्ड कर दिया गया। आने वाले समय में यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि छात्र नेता इमरान गाजी ने सोमवार को राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. असमर बेग के इशारे पर अमुटा के पूर्व सचिव प्रो. आफताब आलम एवं प्रो. नसीम अहमद पर चाकू से हमला कर घायल करने का आरोप लगाया था। घायल इमरान गाजी का ऑपरेशन जेएन मेडिकल कॉलेज में कराया गया।
वहीं, दूसरी तरफ प्रो. आफताब आलम ने छात्र नेता द्वारा लगाए गए आरोप को बेबुनियाद करार दिया। उनका कहना है कि छात्र स्वयं शीशे में हाथ मारकर घायल हो गया। राजनीति विज्ञान के शिक्षकों की ओर से भी इस मामले में छात्र नेता के खिलाफ शिकायत की गई है। छात्र नेता पर शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार एवं सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।