रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ आरडीए में पहुंचे थे बाहरी युवक
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एएमयू जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) का चुनाव कराने के लिए एएमयू प्रशासन ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। अब कमेटी को ही निर्णय लेना है कि 24 जुलाई को हुए नामांकन के आधार पर चुनाव होंगे या नए सिरे से चुनाव कराए जाएंगे।
एएमयू प्रशासन ने आरडीए विवाद मामले की जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट के बाद यह आदेश जारी किया है। जांच रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट हो गया है कि रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ कुछ बाहरी युवक भी आरडीए दफ्तर में पहुंचे थे।
प्रो. तबस्सुम शहाब की अध्यक्षता में गठित कमेटी में प्रो. शाहिद सिद्दीकी, प्रो. अली आमिर, प्रो. एम अमजद अली रिजवी एवं प्रो. नैयर आसिफ शामिल हैं। एएमयू कुलपति ने जांच कमेटी की रिपोर्ट को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रॉक्टर के पास भेज दिया है। हालांकि रिपोर्ट अभी प्रॉक्टर के पास पहुंची नहीं है।
भरोसेमंद सूत्रों की माने तो टीम द्वारा आरडीए विवाद से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी रिपोर्ट के साथ भेजे गए हैं। इसमें बाहरी युवक साफ-साफ नजर आ रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रॉक्टोरियल टीम ने 25 जुलाई से बंद आरडीए दफ्तर गेट का ताला तुड़वाकर मेस चालू करा दिया है। ताकि रेजीडेंट डॉक्टरों को नाश्ता एवं भोजन के लिए भटकना नहीं पड़े। अगले टेंडर तक वर्तमान कैंटीन संचालक को मेस का संचालन करना है।
24 जुलाई को हुआ था हंगामा
पहले आरडीए चुनाव 29 जुलाई को होना था। 24 जुलाई को नामांकन का आखिरी दिन था। अध्यक्ष, महासचिव एवं कोषाध्यक्ष पद के लिए एक-एक नामांकन हुए थे। वहीं उपाध्यक्ष पद पर दो डॉक्टरों ने दावेदारी ठोकी थी। संयुक्त सचिव पद के लिए नामांकन को लेकर विवाद शुरू हुआ।
आरोप है कि एक प्रत्याशी द्वारा दूसरे को नामांकन करने से रोक दिया गया। इसको लेकर 24 जुलाई को आरडीए में जमकर हंगामा हुआ था। 25 जुलाई को भी जमकर हंगामा हुआ और नौबत मारपीट तक पहुंच गई। मुख्य चुनाव अधिकारी ने धमकी मिलने के बाद अपनी टीम सहित त्यागपत्र दे दिया और चुनाव कराने में असमर्थता व्यक्त की।
इस मामले में दो पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत भी की गई। आरोप यह भी है कि आरडीए चुनाव में बाहरी युवक सक्रिय रहें। बाद में कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने विवाद की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी थी।
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