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आइने साफ करो, तो भी मजा आता है

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आइने साफ करो, तो भी मजा आता है
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ब्यूरो, अमर उजाला

प्रसिद्ध गीतकार डॉ. महावीर द्विवेदी की चौथी पुण्य तिथि पर शिखर साहित्यिक संस्था द्वारा रघुवीर सहाय इंटर कालेज में संगोष्ठी और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में एक से बढ़कर एक कवियों और शायरों ने समां बांधा।
रघुवीर सहाय इंटर कालेज के प्रबंधक अशोक सक्सेना, प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुबोध नंदन शर्मा ने संयुक्त रूप से डॉ. महावीर द्विवेदी स्मृति विशेषांक का लोकार्पण किया।
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डॉ. महावीर द्विवेदी की याद में कवियों को पौधे देकर उनका अभिनंदन किया गया। उन्होंने डॉ. महावीर द्विवेदी को प्रकृति से बेहद प्रेम करने वाला कवि बताया। दीप एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर और प्रमुख समाज सेवी देवराज सिंह ने कहा कि डॉ. महावीर द्विवेदी की रचनाओं से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। डॉ. द्विवेदी की पुत्री स्नेहा शर्मा ने अपने पिता की लिखी सरस्वती वंदना को पढ़ा।
पूर्व प्रशासनिक आयकर अधिकारी श्याम सुंदर सिंह श्याम ने पंक्तियां पढ़ीं कि ‘तू मायूस न हो यह तकदीर कभी भी बदल सकती है’। शायर अतीक सहर ने कहा कि मैं भी पागल हूं क्या चाहता हूं, बेवफा से वफा चाहता हूं। संचालन करते हुए ओजस्वी कवि हरीश बेताब ने कहा कि ‘अब भी यारो काश्मीर में अपना झंडा जलता है, अब भी गद्दारों का मेरे देश में सिक्का चलता है, लेकिन अब हम भारत मां की पहचान नहीं मिटने देंगे, एक बार बंट गया देश अब और नहीं बंटने देंगे’।
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डॉ. महावीर द्विवेदी के बेटे वरदान द्विवेदी ने भी रचना पढ़ी कि आइने साफ करो, तो भी मजा आता है, दिल के जख्मों को भरो तो भी मजा आता है। कार्यक्रम में वतन शहजादा, विशाल नारायण बंटी, आरएन शर्मा, देवेंद्र पाल सिंह, मो. नईम, दिलशाद खान, एससी अस्थाना, सोहेल खान, नवीन शर्मा, संतोष अग्रवाल आदि मौजूद थे।
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