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60 फीसदी िकसानों का ही कर्ज होगा माफ

Thu, 14 Sep 2017 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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यदि आप किसान हैं और आपका चयन किसान ऋण मोचन योजना में हो गया है तो ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। ऋण माफी का लाभ तभी मिलेगा, जब आप योगी सरकार द्वारा तय किए गए मानकों की कड़ी अग्निपरीक्षा से गुजर पाएंगे। जी हां योजना के कड़े प्रावधानों को देखते हुए जिले के 40 फीसदी किसानों का बाहर होना तय है।
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शेष बचे 60 प्रतिशत किसानों को ही इसका लाभ मिल सकेगा। बताते चलें कि जिले में करीब 1.29 लाख किसानों को योजना के लिए चयनित किया गया है। सत्यापन में अब तक 18 हजार किसान अपात्र पाए गए हैं। करीब 35 हजार किसानों के पास आधार कार्ड ही नहीं है। यानि कि इनका ऋण मोचन आधार पर टिका है। शेष बचे 76 हजार किसानों को नियमों की कसौटी पर कसा जाना है। जो इम्तिहान में पास हो जाएंगे> उनकी मौज आएगी और फेल हुए तो उनका बाहर जाना तय है। 

15 सितंबर तक हो जाएगा दूसरे चरण का सत्यापन
23 सितंबर तक तहसीलवार प्रथम चरण में चयनित 28500 किसानों को ऋण मोचन पत्र वितरण के बाद प्रशासन अक्तूबर के प्रथम सप्ताह तक दूसरे चरण के लाभार्थियों के लिए शिविर लगाने की तैयारी कर रहा है। दूसरे चरण के लिए लाभार्थियों का सत्यापन 15 सितंबर तक कर उसका फाइनल डाटा जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलों की टीमें इस काम में लगी हैं। 
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योजना के नियम व शर्तें
- ऋणी किसान द्वारा लिया गया ऋण 31 मार्च 2016 से पहले का होना चाहिए।
- किसान का नाम, भूलेख डाटा एवं आधार कार्ड संख्या का मिलान होना चाहिए।
- बैंक एकाउंट में तीन लाख रुपये या उससे ज्यादा हैं तो वह अपात्र माना जाएगा । 
- दो हेक्टेयर से ज्यादा भूमि वाले किसान योजना के लिए माने जाएंगे अपात्र।
- चाहे कितना भी लोन लिया हो, उसमें से मात्र एक लाख रुपया ही होगा माफ।
- ऋणी किसान की मृत्यु होने पर वारिसों में से सहमति से पात्र तय होने पर ही लाभ।
- किसान के खेत का कुछ हिस्सा दूसरे जनपद से लगा है तो लगेगी वहां की रिपोर्ट।
- कर्ज माफी का लाभ लेने के लिए जिस भूमि पर कर्ज लिया है, वह जनपद की हो।

ऋण न चुकाने वाले 27959 किसानों की आई मौज
सरकार की कर्ज माफी की स्कीम उलट इशारे करती नजर आ रही है। किसान ऋण मोचन योजना के पहले चरण के आंकड़ों पर गौर फरमाए तो कमोबेश ऐसा ही लगता है। इसमें जिन किसानों ने बैंकों से कर्जा लिया और न किश्त जमा की, न ब्याज।

वही फायदे में रहे। समय से किश्त जमा करने वाले किसानों के लिए तो योगी सरकार की कर्ज माफी की घोषणा छलावा ही साबित हुई। पहले चरण में कोल तहसील के 6500 किसानों को ऋण मोचन पत्र मिलने तथा बैंक से कर्ज माफी का ब्यौरा मिलने के बाद तहसील के 177 किसान तो ठगे से रह गए। वहीं 345 किसान मात्र संतोष ही कर पाए। ये वे लोग थे जिन लोगों ने बैंक से कर्ज लेने के बाद उसकी ब्याज व मूलधन की समय से अदायगी की।

खुशी से उछल पड़े वे 27959 किसान लोग, जिन्होंने न तो मूल चुकाया और न ही ब्याज। या फिर एक-आध किश्त जमा कर बाकी धन अदायगी पर चुप्पी साध गए। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी प्रवीण सिंह ने बताया कि कर्जमाफी के दायरे में वर्ष 2003 तक के कर्जदार किसान भी शामिल किए गए हैं।
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पहले चरण के आंकड़े 
- शून्य से 100 रुपये तक कर्जमाफी - 
46 किसान
-100 से 500 रुपये तक कर्जमाफी - 54 किसान
-500 से 1000 रुपये तक कर्जमाफी - 77 किसान
-1000 से 10000 रुपये तक कर्जमाफी - 345 किसान
- एक लाख तक कर्जमाफी - 27959 किसान 

 
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