ये हैं सात नई प्रजातियां
इस शोध में चार नई प्रजातियों की खोज की गई है। जिसमें ऑक्सिया सेमीसेर्का, एक्रिडा गिंगेटिया लाॅन्गस, आर्थोकटा, जेला स्टोरहिनस, शैनन वेनर, सिम्पसन और मार्गलेफ प्रजातियां शामिल हैं।
एक दिन में 150 किमी की उड़ान
टिड्डे झुंड में एक दिन में 150 किलोमीटर तक उड़कर फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। ये अपने पैरों का इस्तेमाल शोर मचाने के साथ-साथ कूदने के लिए भी करते हैं। ये आमतौर पर अपने आसपास के पौधों और फसलों को खाते हैं। इनसे अपनी जरूरत का सारा पानी और पोषण प्राप्त कर लेते हैं। टिड्डा ऑर्थोपटेरा गण का एक शाकाहारी कीट है। ये आमतौर पर हरे या भूरे रंग के होते हैं, जो इन्हें घास-फूस में छिपने में मदद करते हैं।
इन जिलों में हुआ शोध
बुलंदशहर, अलवर, भरतपुर, हापुड़, मेरठ, बागपत, पानीपत, सोनीपत, नई दिल्ली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, नूंह, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक, मुजफ्फरनगर, करनाल, शामली, रेवाड़ी, जिंद, चंदारी दादरी, भिवाड़ी और महेंद्रगढ़।
दुनिया भर में 8,000 प्रजातियां
कीट वर्ग के सबसे बड़े गणों में शामिल ऑर्थोपटेरा विश्वभर में व्यापक रूप से पाया जाता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत में इसकी 1274 प्रजातियां, 442 टैक्सा और 23 कुल पाए जाते हैं। विश्वभर में लगभग 8,000 प्रजातियों वाला यह एक महत्वपूर्ण समूह है। इनमें से 136 प्रजातियां और 28 वंश स्थानिक (एंडेमिक) माने जाते हैं।