न्यूज डेस्क, आशीष श्रीवास्तव, अलीगढ़।
लोकसभा चुनाव 2019 में प्रशासन द्वारा देखा गया 75 फीसदी पोलिंग का ख्वाब जरूर मतदाताओं ने तोड़ दिया। मगर आजादी के बाद दूसरी बार इस कदर गजब का उत्साह दिखाया कि मतदान प्रतिशत 62.95 फीसदी पहुंच गया।
इस तरह कहा जाए कि 75 फीसदी मतदान कराने की कवायद में जुटा प्रशासन फर्स्ट डिवीजन तो पास गया हो गया, मगर डिस्टिंगशन पाने से चूक गया।
इस बार चुनाव को लेकर कुल मिलाकर 100 से ज्यादा जागरूकता अभियान और तरह तरह से मतदाताओं को जगाने के प्रयास किए गए। इसके चलते वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनावों का पोलिंग प्रतिशत तो इस बार पार हो गया।
लेकिन वर्ष 1977 में इमरजेंसी के दौरान हुए लोकसभा चुनावों का 64.08 फीसदी का आंकड़ा थोड़ा सा ही दूर रह गया। यानि कि प्रशासन फर्स्ट डिवीजन तो पास हुआ, लेकिन डिस्टिंगशन लाने का ख्वाब धरा रह गया।
विधानसभावार हुई पोलिंग के हिसाब से देखें तो कोल विधानसभा के मतदाताओं ने 64.74 फीसदी पोलिंग कर अपना दम दिखा दिया तो अलीगढ़ की राजनीति के पुरोधा माने जाने वाले राजस्थान के राज्यपाल के क्षेत्र अतरौली और पूर्व मंत्री व विधायक ठा.दलवीर सिंह के क्षेत्र बरौली के मतदाता 64-64 फीसदी पोलिंग कर जरा ही पीछे रहे। खैर और अलीगढ़ भी क्रमश: 62 एवं 60 फीसदी पोलिंग कर ज्यादा पीछे नहीं रहे।
ऐसे चढ़ा पोलिंग का पारा
विधानसभा सुबह नौ बजे सुबह 11 बजे दोपहर एक बजे दोपहर तीन बजे सायं पांच बजेे सायं छह बजे
बरौली सात फीसदी 23 फीसदी 38 फीसदी 51 फीसदी 62 फीसदी 64 फीसदी
अलीगढ़ पांच फीसदी 23 फीसदी 35 फीसदी 50 फीसदी 58 फीसदी 60 फीसदी
खैर आठ फीसदी 24 फीसदी 39 फीसदी 49 फीसदी 58 फीसदी 62 फीसदी
अतरौली 7.5 फीसदी 24 फीसदी 36 फीसदी 46 फीसदी 57 फीसदी 64 फीसदी
कोल 09 फीसदी 25 फीसदी 40 फीसदी 45 फीसदी 62 फीसदी 64.74 फीसदी
कुल 7.3 फीसदी 13.80 फीसदी 37.6 फीसदी 48.80 फीसदी 59.40 फीसदी 62.95 फीसदी