न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रदेश सरकार एक तरफ गरीब एवं मजलूमों को विभिन्न प्रकार की पेंशन, स्वच्छ शौचालय एवं भवन निर्माण के लिए धनराशि देकर समाज की मुख्य धारा में लाने के प्रयासों में जुटी है, वही दूसरी ओर बैंक लाभार्थियों के खातों में आई इन मदों की राशि से ऋण समायोजन कर सरकार के प्रयासों को पलीता लगाने में जुटे हैं।
इस मामले में मिली शिकायतों से नाराज डीएम चंद्रभूषण सिंह ने जिला सलाहकार समिति की बैठक मेें बैंकों को कड़ी फटकार लगाते हुए इन मदों की राशि ऋण समायोजन में काम में न लेने की नसीहत दी है। साथ ही समायोजित की गई राशि दोबारा से लाभार्थियों के खातों में डालने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेंशन, शौचालय, भवन निर्माण आदि की धनराशि जो लाभार्थियों के खाते में शासन द्वारा भेजी जा रही है वह उनके लिए है न कि ऋण समायोजन के लिए। उन्होंने बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिए कि उनकी शाखाओं में योजनाओं के लंबित ऋण आवेदनों को 15 दिन के भीतर प्रोसेस करते हुए स्वीकृत या निरस्त कराना सुनिश्चित करें।
आवेदन निरस्त करने की स्थिति में ठोस कारण के साथ आवेदक को बताएं। आवेदनों को अनावश्यक रुप से निरस्त किए जाने पर बैंक शाखाओं पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि एसबीआई की कई शाखाओं में छात्राओं का छात्रवृत्ति खाता खोलने के लिए जबरन पैन कार्ड की मांग की जा रही है, जो नियमों के अनुरूप नहीं है।
डीएम ने बैंक के डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर को कार्यवाही के निर्देश दिए। किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड को रुपये किसान क्रेडिट कार्ड में परिवर्तित करने के मामले में धीमी प्रगति पर डीएम ने बैंकों को एक सप्ताह में काम पूरा करने को कहा।
डीएम ने राजकीय योजनाओं में वर्ष 2018-19 के लिए ऋण योजना के अंतर्गत वार्षिक ऋण योजना की प्रगति एवं बैंकों के ऋण जमा अनुपात का जायजा लेते हुए भारतीय स्टेट बैंक, जिला कोआपरेटिव बैंक, बैंक ऑफ इंडिया को सुधार लाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 2, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 112, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग योजना के तहत 43, राष्ट्रीय शहरी आजीविका योजना के तहत 215, स्वत रोजगार योजना के तहत 55, मुख्यमंत्री युवा स्व रोजगार योजना, प्रधानमंत्री जनधन एवं मुद्रा योजना के लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण कर रिपोर्ट तलब की है। इस मौके पर बड़ी संख्या में बैंक अधिकारी मौजूद थे।