न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अगर ट्रेन में आपको अचानक डाक्टर की जरूरत पड़ जाए तो 100 रुपये की फीस देनी होगी। इससे पहले ये फीस महज 20 रुपये थी।
अलीगढ़ में तैनात रेलवे डाक्टर एएस देव ने बताया कि इस फीस के साथ नियमानुसार दवा और इंजेक्शन का शुल्क भी मरीज को ही देना होता है, लेकिन ट्रेनों का ठहराव दो या तीन मिनट का होने के कारण अधिकांश मरीज इसका भुगतान नहीं करते हैं। भुगतान लेने से पहले ही ट्रेन चल देती है।
इसलिए इसकी कभी वसूली नहीं होती है। एएस देव ने बताया कि गरमी के मौसम में एक दिन में 4 से 5 मरीज होते हैं। कई बार इनकी संख्या बढ़ जाती है। सर्दी के मौसम में ये संख्या कम होती है।
जनरल कोच, स्लीपर कोच, सेकेंड एसी, थर्ड एसी और फर्स्ट एसी में सभी तरह के यात्रियों के लिए ये फीस और दवा का शुल्क एक सामान है। रेलवे कंट्रोल या हेल्पलाइन में सूचना मिलने पर संबंधित ट्रेन में मरीज को देखा जाता है।