न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की समस्त जांच रिपोर्ट ऑनलाइन किया जाए। इसके साथ ही तमाम वार्डों, ओपीडी एवं इमरजेंसी में कंप्यूटर एवं प्रिंटर के साथ उसे देखने की व्यवस्था की जाए।
यह मांग जेएन मेडिकल कॉलेज के आरडीए (रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला आजमी ने प्राचार्य से की है। इसके अतिरिक्त अध्यक्ष ने 21 सूत्री मांग पत्र देकर प्राचार्य से मरीजों एवं रेजीडेंट डॉक्टरों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग स्टॉफ, तकनीशियन एवं वार्ड अटेंडेंट आदि की ड्यूटी का बंटवारा साफ-साफ शब्दों में होनी चाहिए। एनेस्थीसिया कीट ओटी, वार्ड एवं इमरजेंसी में उपलब्ध रहना चाहिए, ताकि जरूरत के समय भाग दौड़ न करना पड़े। उन्होंने जेएन मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने तथा डॉक्टरों के पार्किंग के पास सीसीटीवी कैमरा लगवाने एवं रौशनी की पर्याप्त व्यवस्था करने की भी मांग की है।
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर को अस्पताल में तब्दील कर चिकित्सा से संबंधी तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराए जाए और छात्रों तथा कर्मचारियों को जेएन मेडिकल कॉलेज के बदले वहां भेजने की मांग की ताकि गरीब मरीजों का जेएन मेडिकल कॉलेज में ठीक से उपचार हो सकें। खासकर इमरजेंसी मरीजों को देखने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
प्रमुख मांगे
रेजीडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी ऑवर डिफाइन किया जाए, छात्र एवं कर्मचारियों के दिल्ली रेफर के समय रेजीडेंट डॉक्टरों को न भेजा जाए, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन वृद्धि किया जाए, वार्ड में सुविधाओं के साथ ड्यूटी रूम उपलब्ध कराई जाए, पीजी सीट में वृद्धि की जाए, इमरजेंसी एवं वार्ड में जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जाए, जेएनएमसी में डॉक्टर एवं मरीजों के लिए अलग एटीएम हो, विवाहित एवं अविवाहित छात्र-छात्राओं को लिए पीजी हॉस्टल हो, आईसीयू में बेडों की संख्या बढ़ाई जाए आदि।