फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जुलाई में भी पुरानी ड्रेस और पुरानी किताबें लेकर पढ़ने आएंगे बच्चे।

विज्ञापन
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


अप्रैल से लेकर अब तक परिषदीय स्कूलों के बच्चों को न नई किताबें मिल सकी हैं और न ही नई यूनिफॉर्म। रविवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाएंगे। ऐसे में एक जुलाई से जब विद्यालय खुलेंगे तब भी परिषदीय स्कूलों के बच्चे पुरानी यूनिफॉर्म पहन और फटी-पुरानी किताबें लेकर पढ़ने आएंगे। इसकी मुख्य वजह यही है कि किताबें व यूनिफॉर्म का बजट देरी से मिला है।

यह शैक्षिक सत्र अप्रैल माह से शुरू हो चुका है आधा मई माह बीतने के बाद भी परिषदीय स्कूलों के बच्चों को न तो नई किताबें मिलीं और न ही नई यूनिफॉर्म। हालांकि कुछ किताबें आ गई हैं, लेकिन अभी सत्यापन के चक्कर में इनका वितरण नहीं हुआ है।
विज्ञापन


इसी तरह यूनिफॉर्म की एक किस्त भी आ चुकी है और अभी तक इसको बनवाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। ऐसे में पिछले डेढ़ माह से बच्चे पुरानी फटी-पुरानी किताबें लेकर और पुरानी यूनिफॉर्म पहनकर ही विद्यालय आ रहे हैं। अब रविवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाएगा और जून के बाद एक जुलाई से विद्यालय खुलेंगे।
विज्ञापन


ऐसे में जुलाई के माह में भी बच्चों के हाथों में फटी-पुरानी किताबें और उनके शरीर पर भी पुरानी यूनिफॉर्म ही होगी। हालांकि बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय का कहना है कि शासन से यूनिफॉर्म के लिए धनराशि आ चुकी है और 15 जुलाई तक बच्चों को यूनिफॉर्म वितरित करा दी जाएंगी। डॉ. पांडेय का कहना है कि सत्यापन के बाद वह किताबों का भी वितरण शुरू करा देंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें