आशीष श्रीवास्तव , अमर उजाला, अलीगढ़।
गांधी जयंती के अवसर पर दो अक्तूबर तक दो लाख शौचालय बनाकर जनपद को ओडीएफ करने का लक्ष्य कोसों दूर नजर आ रहा है। इसका कारण है बजट का अभाव। पिछले दो माह से बजट न मिलने के कारण माहवार तय लक्ष्य ही हासिल नहीं हो सका है। यहां तक कि जनवरी माह में पूर्ण हो चुके शौचालयों के लाभार्थियों की दूसरी किस्त भी बजट के अभाव में अटक गई है।
योगी सरकार ने दो अक्तूबर 2018 तक प्रदेश के सभी जिलों को खुले में शौच मुक्त कराने एवं इसके लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में शौचालयों का निर्माण कराने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत जिले में दो लाख शौचालयों का निर्माण होना है।
अब तक करीब 58 हजार शौचालय बन चुके हैं। इनमें से 30 हजार शौचालय सितंबर 2017 से जनवरी 2018 के मध्य बने हैं, लेकिन अब बजट के अभाव में शौचालयों का निर्माण अटक गया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी पारुल सिसौदिया ने स्वीकार किया कि विभाग ने फरवरी माह में 16616 शौचालय बनाने तथा वित्तीय वर्ष के अंत तक करीब 44 हजार शौचालय निर्माण का लक्ष्य तय किया था।
इसके लिए शासन से 20 करोड़ के बजट की मांग की गई थी, लेकिन बजट न मिलने से शौचालय निर्माण में बाधा आ रही है। जनवरी माह में 13 हजार के सापेक्ष पूर्ण हुए 10700 शौचालयों की दूसरी किस्त भी इस वजह से लाभार्थियों को खाते में नहीं पहुंच सकी है। बजट मिलने के बाद निर्माण में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा।
साढ़े तीन वर्षों में बने थे मात्र 28 हजार शौचालय
यूं तो स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण वर्ष 2014 से जारी है, लेकिन रुक-रुक कर बजट मिलने के कारण पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों में मात्र 28 हजार शौचालयों का निर्माण हो सका था। सितंबर माह में नई डीपीआरओ के आने एवं मुख्य विकास अधिकारी दिनेश चंद्र के स्वयं व्यक्तिगत रुचि लेकर काम कराने के फलस्वरूप मात्र पांच माह में 30 हजार शौचालय बन गए।