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पीएम मोदी के इशारे पर बैंकों का निजीकरण: वेंकटचलम

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पीएम मोदी के इशारे पर प्राइवेट बैंकों को मिल रहा बढ़ावा: वेंकटचलम
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सीएच वेंकटचलम ने बैंकों की दुर्दशा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर सरकारी बैंकों को बंद कर निजी बैंकों को बढ़ावा देने की साजिश रची जा रही है।

देश को पांच लाख नई बैंक शाखाओं की आवश्यकता है। इन्हें खोलने में सहयोग देने के बजाय सरकार बैंकों के विलय के प्रयासों में जुटी हुई है। इस मामले में यूनियन 15 सितंबर को संसद के बाहर प्रदर्शन करेगी और प्रधानमंत्री को ज्ञापन देगी। बैंक विरोधी नीतियां जारी रहीं तो अक्तूबर-नवंबर में दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की जाएगी।
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एआईबीईए के जनरल सेक्रेटरी अलीगढ़ आगमन पर ओरियंटल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के दसवें प्रांतीय अधिवेशन के दौरान प्रेस से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में कृषि, गांव, महिला एवं नौकरी के क्षेत्र में बदलाव लाने में राष्ट्रीयकृत बैंकों की आवश्यकता है। निजी बैंक भरोसेमंद नहीं हैं और घाटा नहीं उठा सकते। हाल ही में बंद हुए 30 निजी बैंक इसका स्पष्ट उदाहरण हैं।

निजीकरण से रोजगार, शिक्षा एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बैंकों के निजीकरण व विलय के विरोध में संगठन के पदाधिकारी वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिले थे। वित्त मंत्री का स्पष्ट कहना था कि यह सब प्रधानमंत्री के इशारे पर हो रहा है। एक तरफ प्रधानमंत्री जनधन खाते खोलने की बात करते हैं तो दूसरी तरफ बैंकों का विलय कर बैंक शाखाओं को निरंतर कम करने पर आमादा हैं।

बैंक सेवाएं निरंतर महंगी होने के संबंध में उन्होंने बताया कि राष्ट्रीयकृत बैंकों पर 15 लाख करोड़ का एनपीए है। इससे करीब डेढ़ हजार करोड़ का ब्याज कम हुआ है। इससे बैंकों की अर्थव्यवस्था व बुनियादी ढांचे पर बुरा असर पड़ा है। सरकार का ध्यान एनपीए की वसूली पर नहीं है। इससे बैंकों में असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से फायदा नहीं, बल्कि नुकसान हुआ है। कइयों की नौकरी गई तो मुद्रा स्फीति की दर बढ़ गई। बैंकों में कम करेंसी की वजह बाहर काला धन ज्यादा होना है।
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उन्होंने कहा कि हाल ही में की गई देशव्यापी हड़ताल जनता को जागरूक करने के लिए थी। बैंकों के अचानक विलय के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो 24 घंटे के अंदर देशव्यापी हड़ताल की जाएगी।
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