एएमयू के पांच हजार से अधिक नॉन टीचिंग स्टॉफ 6 फरवरी को पांच कोर्ट सदस्यों का चुनाव करेंगे। इसके लिए नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू होने जा रही है। स्वास्थ्य सुविधा एवं चयन समिति मुख्य चुनावी मुद्दा बनकर सामने आ रहा है।
चुनाव मैदान में कूदने का मन बना चुके कर्मचारी नेता ‘अकलियत किरदार’ की दुखती रग पर हाथ रखकर चुनावी नैया पार लगाने की भी तैयारी में हैं। इसके लिए हर कुर्बानी देने की बात कर रहे हैं। जनसंपर्क अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। मतदाताओं से ग्रुप में मिलने के साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी वोट, सपोर्ट एवं दुआ की अपील की जा रही है।
चुनाव अधिकारी प्रो. जमशेद सिद्दीकी ने बताया कि नामांकन के लिए 29 एवं 30 जनवरी की तिथि निर्धारित है। चुनाव 6 फरवरी को और मतगणना 7 फरवरी को होगा। करीब 5300 मतदाता नॉन टीचिंग स्टॉफ कैटेगरी के पांच कोर्ट सदस्यों का चुनाव करेेंगे।
पिछले सत्र के पांच में से चार कोर्ट सदस्य इस चुनाव में भी किस्मत अजमाने की तैयारी में हैं। कैंपस का माहौल देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार 40 से अधिक लोग 5 पदों के विरुद्ध चुनाव मैदान में किस्मत अजमाएंगे। हालांकि असली तस्वीर नामांकन के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
जनसंपर्क के दौरान कर्मचारियों को मेडिकल स्कीम का लाभ दिलाना, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि, चयन समिति में वर्किंग स्टॉफ को वरीयता, अब्दुल्ला नर्सरी का सेकेंड शिफ्ट शुरू कराना, कर्मचारियों के आवासों का रिनोवेशन एवं व्हाइट वास, फ्री कैंपस पास, मेडिकल में ओटी चार्ज खत्म करना एवं मेडिकल में कर्मचारी के परिजनों को आसानी से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन कर्मचारी नेता दे रहे हैं। अकलियत किरदार को लेकर भी कर्मचारी नेता संजीदा है और इसके लिए हर संभव कुर्बानी देने की बात कह रहे हैं।