अलीगढ़ (ब्यूरो)। हरदुआगंज इलाके में बिटिया की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस पर चौतरफा दबाव बढ़ता जा रहा है। घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस की 30 टीमें कोई नतीजा नहीं दे पाई हैं। कार्रवाई के नाम पर एसओ हरदुआगंज को लाइन हाजिर करने के बाद पुलिस ने जनता से अपील की है कि आरोपियों की खबर दो और 50 हजार रुपये प्रशस्ति पत्र के साथ सरकारी नौकरी लो..।
इधर, गांव और घटनास्थल के आसपास के गांवों से दबंग, अराजक, शरारती युवा गायब हो गए हैं। पुलिस ने इनसे पूछताछ करने के लिए दबंगों के परिजनों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने अब तक तीन दर्जन से अधिक संदिग्धों को पकड़ा है, जिनसे पूछताछ हुई है। कुछ अब तक पुलिस के पास हैं जबकि कुछ को छोड़ दिया गया है।
13 संदिग्धों पर पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। सात लोगों के घटना में शामिल होने का कयास लगाया जा रहा है। इसी को आधार बना कर पुलिस दो दिन में घटना के खुलासे का दावा कर रही है। लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार इसमें अभी और वक्त लग सकता है।
इधर, पारिवारिक व्यस्तता के कारण एसएसपी जे रवींद्र गौड़ शुक्रवार को जिले में नहीं थे। उनकी जगह डीआईजी ने अब तक हुई जांच की मानीटरिंग की और हरदुआगंज थाने, गांव और घटनास्थल पर पहुंच कर परिजनों से बात की उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधवाया। डीआईजी गोविंद अग्रवाल ने दावा किया कि पुलिस आरोपियों के बहुत नजदीक है। दो दिन के अंदर आरोपी गिरफ्त में होंगे।
पुलिस के पांच क्लू
1-बिटिया की बड़ी बहन के साथ छेड़खानी करने वाले आरोपी 2014 में जेल से बाहर आ गए थे। उनके खिलाफ बिटिया के परिजनों ने मुकदमा दर्ज कराया था। ये आरोपी जेल से बाहर हैं लेकिन इस वक्त पुलिस के पास इनकी लोकेशन नहीं है।
2- हरदुआगंज, मछुआ पुल सहित आसपास के इलाकों में लड़कियों और महिलाओं के साथ छेड़खानी करने वाले चिन्हित किए गए हैं। उनकी धरपकड़ में टीमें लगी हैं।
3-आठ दिन पहले इसी इलाके में छेड़खानी करने के आरोपी फरार हैं। उनकी शिनाख्त के लिए ग्रामीणों से मदद ली जा रही है। इनको भी संदिग्ध माना जा रहा है।
4-घटना के वक्त घटनास्थल के आसपास के मोबाइल टॉवरों से मोबाइलों से हुई बातचीत की ट्रेकिंग हो रही है। पुलिस को आईटी कंपनियों से कुछ सुराग मिले हैं।
5- गांव के बुजुर्ग, महिलाओं और युवतियों से छेड़खानी करने वाले युवाओं की पहचान की जा रही है, इसके लिए हाथरस से महिला सीओ को बुलाकर जांच में शामिल किया गया है। जिससे महिलाएं सहजता से बात कर सकें।