न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पीएचडी में दाखिला को लेकर एएमयू के प्रशासनिक ब्लॉक के गेट पर मो. आसिफ के बाद हस्सान अब्दुल्लाह भी आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। इससे एएमयू एवं जिला प्रशासन का टेंशन बढ़ गया है। तबियत खराब होने की वजह से मो. आसिफ को प्रशासनिक अधिकारियों ने जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। ड्रिप चढ़ने के बाद आसिफ पुन: धरना स्थल पर पहुंच गए हैं।
पीएचडी अभ्यर्थी पिछले 18 दिन से एएमयू में धरना दे रहे हैं। आसिफ नामक अभ्यर्थी तीन दिन से आमरण अनशन पर हैं। उनका कहना है कि जब तक अभ्यर्थियों के साथ न्याय नहीं होगा, वह आमरण अनशन पर रहेंगे।
अभ्यर्थी पीएचडी के प्रवेश में व्यापक स्तर पर धांधली का आरोप लगा रहे हैं। इसके साथ ही परीक्षा के नंबर एवं विभागों में खाली सीटों की रिक्तयों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह आसिफ के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने के बाद एएमयू के मनोविज्ञान विभाग से उत्तीर्ण अभ्यर्थी हस्सान अब्दुल्लाह आमरण अनशन पर बैठकर प्रशासन का टेंशन बढ़ा दिये हैं। उल्लेखनीय है कि धरना एवं आमरण अनशन पर बैठे सात अभ्यर्थियों को एएमयू प्रशासन द्वारा तीन शैक्षणिक सत्र के लिए डिबार कर दिया गया है। इसके साथ ही उनके कैंपस में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
पीएचडी अभ्यर्थी आदिल फारूकी ने आरोप लगाया कि एएमयू के अधिकारी अभ्यर्थियों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा धरना एवं आमरण अनशन के नाम पर एकेडमिक काउंसिल की बैठक स्थगित किया गया है। जबकि हमलोग बेहद शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमलोगों की वजह से कोई कार्य बाधित नहीं हो रहा। जब तक जान है, हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे।