डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हाजियों के मोबाइल पर बकाया राशि चुकाने के संदेश भेजे हैं। जिन हाजियों के पास संदेश आए हैं, उन्होंने जुलाई 2018 में हज यात्रा की थी। दरअसल, उस वक्त रुपये के मुकाबले डॉलर की कीमत में उछाल आने पर इन हाजियों पर बकाया बन गया है। हालांकि, कुछ हाजी बकाया राशि देने का मन बना चुके हैं, तो कुछ आनाकानी कर रहे हैं।
इसी साल हज पर गए यात्रियों से दिल्ली एयरपोर्ट से हवाई यात्रा किराया के रूप में 70, 34 रुपये लिया गया। उस समय एक डॉलर 65 रुपये के बराबर था। जब फ्लाइट बुक करने की बारी आई थी, तब डॉलर में उछाल आ गया। इसके चलते हर हाजी पर 5825 रुपये बकाया हो गया। अलीगढ़ जिले से करीब 600 लोग हज यात्रा पर गए थे। इन हाजियों पर अलग-अगल राशि चुकाने के संदेश मोबाइल पर पिछले दिनों आए हैं। किसी के पास दो हजार तो किसी के पास तीन हजार रुपये के संदेश हैं। बकाया राशि में अंतर होने की वजह हज यात्रियों की ग्रीन से अजीजिया श्रेणी में किए जाने से है। इस बार हज यात्रा के किराए में बढ़ोत्तरी की संभावना जताई जा रही है।
हज यात्रियों की उड़ान एक जुलाई से शुरू
अगले साल हज यात्रियों की उड़ान एक जुलाई से मदीना व जद्दा के लिए शुरू हो रही है। अंतिम उड़ान 3 अगस्त 2019 को होगी। हाजियों की वापसी उड़ान 14 अगस्त से शुरू होगी। अंतिम वापसी उड़ान 16 सितंबर को होगी।
बनेगा हज यात्रियों का व्हाट्सएप ग्रुप
लब्बैक हज सोसाइटी के सचिव हाजी तौफीक अहमद खान ने बताया कि हज यात्रा फार्म भरने की अंतिम तिथि 12 दिसंबर है। उन्होंने कहा कि हज यात्रियों का ड्रा होने के बाद अलीगढ़ में हज यात्रियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनेगा, जिसमें हज से संबंधित जानकारी दी जाती रहेगी।