न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ब्यूरो
सब्जियों की लगातार गिरती कीमतों, केंद्र सरकार द्वारा चार वर्षों में बनाए गए किसान विरोधी कानून एवं किसानों को फसल के ड्योढे़ भाव दिये जाने के वायदों को पूरा न करने के विरोध में किसानों ने बुधवार को गांव छेरत में सब्जियां एवं फल फेंके।
भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के बैनरतले हुए इस कार्यक्रम में किसानों ने मोदी सरकार पर वायदा खिलाफी एवं झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। चौकी प्रभारी को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ.हरपाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने चार साल के कार्यकाल में अनेक किसान विरोधी कानून बना दिये हैं। इसके चलते किसान कर्जों से मुक्त नहीं हो पा रहा है। फसलों का ड्योढ़ा भाव देने का वायदा झूठा साबित हुआ। आलू की सरकारी खरीद का वायदा भी झूठा निकला।
नकली तारकोल लगाकर सड़के बनायी जा रही हैं। जीएसटी लगाकर देश के व्यापार जगत की कमर तोड़ दी गई है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। विदेशों से कालाधन लाने का वायदा भी झूठा साबित हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी अच्छे दिनों की घोषणा कर देशवासियों को गुमराह कर रहे हैं। इसके विरोध में सब्जी एवं फल फेंको अभियान चलाया जा रहा है। इ
स मौके पर प्रदेश महामंत्री चौ.हरेंद्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष शिव शंकर गुप्ता, जवाहर लाल, यशपाल सिंह चौहान, दुर्जन सिंह, महेंद्र सिंह, सतीश शर्मा, राकेश चौहान, यशपाल सिंह, हरीओम बाबा, मनोहरलाल, करतार सिंह, सतीश शर्मा, राहुल, चंद्रभान सिंह आदि उपस्थित थे।