न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जल निगम कार्यालय के निरीक्षण में कमिश्नर अजयकांत को वाटर सैंपलिंग का विवरण नहीं मिला तो ग्रामीण पेयजल योजना के तहत 21 निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति के भ्रामक आंकड़े देखकर उनका पारा चढ़ गया।
आईजीआरएस में मुख्यमंत्री संदर्भ के तीन प्रकरणों के घटिया निस्तारण देखकर उन्होंने संबंधित अफसरों को खरी खरी सुनाई। यही नहीं कमिश्नर ने एटा सीवरेज प्लांट योजना के तहत 14.39 करोड़ रुपये में 10 करोड़ मोबिलाइजेशन एडवांस देने संबंधी अनुबंध पत्र व पत्रावली तलब कर ली।
कमिश्नर ने ग्रामीण पेयजल योजना के तहत मंडल में निर्माणाधीन 21 परियोजनाओं खानपुर, थानपुर, धनीपुर, क्वार्सी ग्रामीण पेयजल, शादीपुर, कमरूआ, सीतापुर, दूविया, बरईपुर, पीपल गवां, तिलौठी, एहवरनपुर, औरंगाबाद ग्रामीण पेयजल योजना की समीक्षा में भौतिक एवं वित्तीय आंकड़ों में काफी अंतर पाया गया।
एटा सीवरेज प्लांट योजना की समीक्षा में पाया कि 14.39 करोड़ आवंटित बजट में 10 करोड़ रुपये मोबिलाइजेशन एडवांस के रूप में ठेकेदारों को दे दिए गए हैं। उन्होंने जल निगम के अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह को अनुबंध पत्र के साथ पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायतों में लगाए गये ट्यूबवेलों में पूर्णत: एवं आंशिक रूप से 47 परियोजनाएं बंद पाए जाने तथा शुद्ध पेयजल योजना के तहत लगाए गए हैंडपंपों की खराबी, रीबोर आदि का विवरण की उपलब्धता, वाटर सैंपलिंग, नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों में आर्सेनिक फ्लोराइड वाले क्षेत्रों का सैंपलिंग भी विवरण उपलब्ध न पाए जाने पर पूरी रिपोर्ट तलब की।
50 लाख रुपये से अधिक के लागत की निर्माणाधीन जनपद अलीगढ़ की 14, हाथरस की 4, कासगंज एवं एटा की 2-2 परियोजनाओं, अमृत स्मार्ट सिटी योजना के तहत हाउस कनेक्शन, अलीगढ़ पुनर्गठन योजना, ई-टेंडरिंग की भी समीक्षा हुई।