क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
देश भर में जहां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला सम्मान की कसमें खाई जा रही थीं, वहीं अलीगढ़ में इसी दिन महज 50 हजार रुपये के लिए दुल्हन बनी बैठी एक युवती से दूल्हे ने शादी से इंकार कर दिया। बारात के स्वागत के बजाय दोनों परिवार थाने पहुंच गए।
जहां कुछ मध्यस्थ लोगों के समझाने पर दूल्हा माना तो दुल्हन भी मुकर गई। उसका साफ कहना था कि आज ही लालच सामने आ गया, अब इससे शादी नहीं करनी। बाद में दोनों परिवार एक दूसरे का सामान लौटाने पर राजी हो गए और इस लिखित समझौते के बाद अपने-अपने घरों को चले गए।
वाकये के अनुसार अकराबाद के कस्बा पिलखना की युवती का रिश्ता क्वार्सी के अंबेडकर नगर कालोनी निवासी युवक से तय हुआ था। 8 मार्च यानि गुरुवार को बारात जानी थी। दोनों ही परिवार शादी की तैयारियों में जुटे थे। बुधवार की शाम युवती पक्ष के लोग लगन और टीका लेकर युवक के घर पहुंच गए। आरोप के अनुसार दहेज में एक पल्सर बाइक, सोने की चेन समेत करीब साढ़े तीन लाख रुपये का सामान दिया गया।
टीके के समय युवती पक्ष ने युवक के हाथ पर 50 हजार रुपये नहीं रखे। इसी बात पर दूल्हा यह कहते हुए भड़क गया कि 4 लाख में बात तय हुई थी। इस सामान को मिलाकर कुल रकम साढ़े तीन लाख बैठ रही है। 50 हजार के बगैर वह शादी नहीं करेगा। युवक ने गालीगलौज शुरू कर दी, इससे मामला बढ़ गया। तब दोनों पक्षों से आए संभ्रात लोगों ने समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया।
गुरुवार को बारात जानी थी, मगर गुरुवार सुबह करीब छह बजे युवक के पिता ने युवती पक्ष को फोन पर खबर दे दी कि जब तक 50 हजार रुपये नहीं आएंगे, तब तक हम बारात लेकर नहीं आएंगे। यह सुनते ही युवती पक्ष के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आननफानन युवती पक्ष युवक के घर पहुंच गया। बात न बनने पर शिकायत एसएसपी तक पहुंची। एसएसपी के दखल पर दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया।
हाथों में कंगन बंधे व मेहंदी लगी युवती क्वार्सी थाने पहुुंच गई और ससुरालियों के खिलाफ तहरीर दे दी गई। इसके बाद दोनों पक्षों में सुलह की बात शुरू हुई और किसी तरह दूल्हा राजी हो गया। मगर यह सब देख युवती खफा हो गई।
इंस्पेक्टर क्वार्सी राघवेंद्र सिंह के अनुसार जब दोनों परिवारों में शादी से पहले ही मन नहीं मिले तो उन्होंने अलग हो जाना बेहतर समझा और लिखित में समझौता कर अपना-अपना सामान लेकर चले गए। युवती की दूसरी जगह शादी की बात परिवार कह रहा था।