क्राइम डेस्क, अमर उजाला,अलीगढ़।
नौ माह के मासूम बेटे के कातिल बाप को न्यायालय ने उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। यह घटना पांच साल पहले खैर में हुई थी।
थाना खैर में 9 नवंबर 2012 को चंचल पत्नी बबलू ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका पति बबलू पुत्र सुखराम निवासी मिलिक खैर शराब पीने का आदी है और कोई काम-धंधा नहीं करता।
इन्हीं गलत आदतों की वजह से उसने अपनी एकमात्र दुकान भी बेच दी। इससे घर में और ज्यादा क्लेश रहने लगी। 9 नवंबर 2012 को रात साढ़े 10 बजे बबलू घर पर आया तो इसी क्लेश में उसने गोली चला दी। गोली उसके 9 माह के बेटे को लगी और उसकी मौत हो गई।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या पांच संजय कुमार सप्तम के न्यायालय में हुई। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने मासूम बेटे के कातिल बाप को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। उसे 25 आर्म्स एक्ट में भी तीन साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी बीरवल सिंह बघेल ने पैरवी की।