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अलीगढ़ में कर्जमाफी के लिए चयनित पांच हजार किसान लापता

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कर्जमाफी के लिए चयनित पांच हजार किसान लापता
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

इसे ज्यादा से ज्यादा लाभार्थियों की कर्ज माफी दिखा कर वाहवाही लूटने का प्रयास कहें, या शासन के दबाव में बैंकों व तहसील टीमों की जल्दबाजी और लापरवाही, जिसने किसान ऋण मोचन योजना को मजाक बनाकर रख दिया है।

बैंक व तहसील स्तर पर लाभार्थी सूची बनाने में हुई लापरवाही का आलम यह है कि बैंक व तहसील टीमों द्वारा जनपद में चयनित कुल 1.28 लाख किसानों में से पांच हजार चयनित किसानों का अता-पता नहीं है। 2445 किसान मृत पाए गए हैं तो 4400 लोग एक से ज्यादा आधार कार्ड का प्रयोग करते मिले हैं।
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इनमें से 3600 मामले एक आधार कार्ड कई जगह (बैंकों में लोन लेने में) उपयोग करने के हैं। शेष एक ही व्यक्ति के फर्जी आधार कार्ड से संबंधित हैं। 408 लोगों की दूसरे जिलों में जमीन है। कुल मिलाकर 13555 किसान का रिकार्ड इस तरह के मामलों की गिरफ्त में है। यह स्थिति तब है जब पहले बैंकों ने सूची तैयार कराकर सत्यापन किया। इसके बाद तहसील स्तर से किसानों का सत्यापन हुआ।

अफसरों की नींद उड़ी
अलीगढ़। लखनऊ से आई इस रिपोर्ट ने निकाय चुनावों से पूर्व योजना का शत प्रतिशत क्रियान्वयन करने की कोशिश में जुटे अफसरों की नींद उड़ा दी है। शासन के निर्देश पर शत-प्रतिशत चयनित किसानों को योजना का लाभ दिलाने में जुटे इन अफसरों के सामने यह आंकड़े चुनौती की तरह खड़े हो गए हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इन 13555 किसानों को कैसे योजना में शामिल करें। वह भी 30 अक्तूबर तक। बताते चलें कि शासन ने आगामी निकाय चुनाव को देखते हुए 30 अक्तूबर तक इन किसानों का रिकार्ड दुरुस्त कराकर सूची तलब की है।

आज सभी तहसीलों में लगेंगे तीसरे चरण के शिविर
अलीगढ़। निकाय चुनाव की 27 अक्तूबर को संभावित अधिसूचना के चलते किसान ऋण मोचन योजना में लगने वाले तीसरे चरण के शिविर बुधवार आज सभी तहसीलों में एक साथ लगेंगे। कोल तहसील का शिविर तहसील सभाकक्ष में लगेगा।

एनपीए अकाउंट वाले किसानों का 75 पैसा सरकार देगी
अलीगढ़। सरकार ने कोआपरेटिव बैंकों के एक लाख तक के फसलीय ऋण लेने वाले एनपीए एकाउंट वाले किसानों की कर्जमाफी का मामला सुलझा लिया है। इन किसानों की कर्जमाफी का 75 फीसदी पैसा सरकार देगी तो 25 फीसदी बैंकों को वहन करना होगा। इन सभी की 26 अक्तूबर तक फीडिंग कराकर तहसीलों से सत्यापन कराने के आदेश दिए हैं। पांच नवंबर तक इनके खातों में पैसा पहुंच जाएगा। बताते चलें कि जनपद में कोआपरेटिव बैंक से ऋण लेने वालों की संख्या 13 हजार से अधिक है।
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किसान ऋण मोचन योजना के लिए चयनित किसानों की सूची में से पांच हजार लोग लापता मिले हैं। जबकि 2445 मृत पाए गए हैं। करीब 4400 किसानों का आधार कार्ड एक से ज्यादा खातों में उपयोग होता मिला है। कुल 13555 लोगों के आंकड़े या तो संदेह के दायरे में हैं या फिर तकनीकी खामियों के शिकार हैं। इनकी जांच कराई जा रही है। - प्रवीण सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी
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