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अलीगढ़ आरटीओ में चल रही अधिकारी का चहेता बनने की रेस

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आरटीओ में चल रही कौन बनेगा अधिकारी का ‘चहेता’ बनने की रेस
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यतीश शर्मा, अलीगढ़।

परिवहन संभागीय विभाग में स्थानांतरित होकर आए नए अधिकारियों से नजदीकियां बढ़ाने की एजेंटों में होड़ मची हुई है। पुराने एजेंट जहां अपना रुतबा कायम रखना चाहते हैं। वहीं नए शाम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाकर उन्हें अपना बनाने में लगे हैं।

अधिकारी भी अभी दोनों की क्षमताओं को तोलने में लगे हुए हैं। इससे आरटीओ विभाग के अधिकारियों की खूब बल्ले-बल्ले हो रही है। इशारा, करने भर पर ही बैठे बिठाए ही अधिकारियों के सारे कार्य हो रहे हैं। इस श्रेणी में बाबू भी पीछे नहीं हैं। वह भी पुराने तथा नए एजेंटों से अपनी सांठ-गांठ करने में लगे हुए हैं।
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विदित हो कि शासन ने आरटीओ विभाग के ऊपर से लेकर नीचे तक सभी अधिकारियों का एक माह पूर्व स्थानांतरण कर दिया। स्थानांतरण के बाद शासन ने नए अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी। अधिकारी तथा बाबुओं ने अपनी-अपनी सीटों पर काम भी संभाल लिया, लेकिन इस स्थानांतरण के बाद एजेंटों की मुसीबत आ गई। जो कार्य वह पहले आसानी से करा लेते थे, अब वह इतनी आसानी से नहीं हो पा रहा है।
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इसके लिए उन्हें अधिकारी एवं बाबुओं से नजदीकी बढ़ानी पड़ रही है। पूर्व में मुख्य पदों पर बैठे अधिकारियों ने कमीशन के लिए कुछ लोगों को रखा था। जो कि आरटीओ कार्यालय में कार्य कराने को आने वाले लोगों से सुविधा शुल्क वसूलकर आसानी से उनका कार्य करा देते थे, लेकिन अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद उनका खेल बिगड़ गया है। नए अधिकारी भी उसे ही मुंह लगाना चाहते हैं, जो कि उन्हें ज्यादा कमीशन दे।
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