500 और 1 हजार के नोट बंद करने के केंद्र सरकार के फैसले का सीधा असर बृहस्पतिवार को बैंकों में आम आदमी पर देखने को मिला। दो दिन से नोट बदलने और जमा करने का बेसब्री से इंतजार कर रहे लोगों की लंबी कतारें सुबह बैंक खुलने से पहले ही बैंक शाखाओं के सामने लग गईं।
कई जगह हंगामा एवं नोकझोंक की स्थिति बनी, मगर वहां तैनात पुलिस ने हालात को संभाला। सरकार के इस कदम से हड़बड़ाए ग्राहक 4 हजार रुपये के लिए 4-4 घंटे लाइन में लगे रहे। इतनी दिक्कत के बाद कुछ को ही नोट मिले बाकी खाली हाथ रह गए।
ज्यादातर शाखाओं पर नोट शार्टेज के कारण लोगों को वापस लौटना पड़ा। वहीं 500 और हजार का नोट जमा करने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग लाइन में लगे थे। कुछ तो थैलों में नोट लेकर पहुंचे थे। कागजी कार्रवाई पूरी कर नोट जमा करने में एक से लेकर तीन घंटे तक लगे। पीएम के इस निर्णय के बाद बैंकों की आधी अधूरी तैयारी पर ज्यादातर लोगों ने टिप्पणी की कि नोट बंद करने का फैसला बिना पूरी तैयारी के लिया गया है। प्रस्तुत है अमर उजाला टीम की लाइव कवरेज....
प्रधान डाकघर में गुुरुवार को नोट बदलने के लिए नया काउंटर खुलना था लेकिन नई करेंसी के ना आने से काउंटर नहीं खुल सका। जिसके चलते लोगों को निराशा हाथ लगी। वहीं दूसरी ओर खाताधारकों ने 5 सौ और हजार के नोट जमा किए। बहुत कम ऐसे लोग थे, जिन्हाेंने पैसे की निकासी की।
प्रधान डाकघरों में गुरुवार सुबह से ही लोगाें की भीड़ काउंटरों पर पहुंचने लगी। हर व्यक्ति के हाथ में पांच सौ और एक हजार का नोट था लेकिन दोपहर तक भीड़ खत्म हो गई। सभी को पैसे जमा करने की जल्दी थी। कुछ लोग तो नई करेंसी लेने के लिए प्रधान डाकघर पहुंच गए और कर्मचारियों से काउंटरों के बारे में पूछ रहे थे।
कर्मचारियों ने बताया कि नए नोट नहीं आए हैं, जिसके कारण काउंटर नहीं खुला है। जब भी करेंसी आएंगी काउंटराें से बाटना शुरू कर देंगे। यह बात सुनते ही लोग प्रधान डाकघर से निराश होकर घरों को लौटे।
उधर, कर्मचारी छोटी से छोटी रकम जमा करने के लिए खाताधारकों से पैन कार्ड की फोटो कॉपी ले रहे हैं, जबकि प्रवर डाक अधीक्षक का निर्देश था कि बड़ी निकासी और जमा करने के लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी देनी होगी। अगर सूत्रों की बात मानें तो प्रधान डाकघर को भी बैंक से मात्र 10 लाख रुपये मिले थे, जिसके चलते अधिकांश उप डाकघराें में कैश नहीं पहुंच पाया है।