न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. हरीश रौतेला ने आह्वान किया है कि 9 दिसंबर को राम मंदिर के लिए इतनी संख्या में हिंदू रामलीला मैदान पहुंचे कि दिल्ली पूरी तरह जाम हो जाए।
डॉ. हरीश शुक्रवार को जीटी रोड स्थित रघुनाथ पैलेस में आरएसएस द्वारा आयोजित समन्वय बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक का आयोजन 9 दिसंबर को दिल्ली चलो की तैयारी के लिए आयोजित किया गया था। इसमें आरएसएस एवं उसकी अनुसांगिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
जनपद के सात में से छह विधान सभा के विधायक के अतिरिक्त भाजपा के तमाम बड़े नेता मौजूद थे। दिल्ली चलो कार्यक्रम के लिए संघ की इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉ. हरीश ने अपने संबोधन के दौरान कार्यकर्ताओं को ललकारा कि अलीगढ़ ऐसे व्यक्तित्व (कल्याण सिंह) की कर्मभूमि है, जिसने राम मंदिर के लिए मुख्यमंत्री के पद को त्याग दिया था। उन्होंने कहा कि भारत में दो प्रकार के लोग है।
एक राम को मानने वाले और एक राम को नकारने वाले। हम राम को आराध्य के रूप में मानने वाले हैं। अत: अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो। इसके लिए समस्त हिंदू समाज एकजुट हो, क्योंकि जब हिंदू समाज करवट बदलता है तो सारी व्यवस्थाएं बदलकर रख देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संत सुनील कौशल ने हिंदू समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने माथे पर तिलक एवं सर पर शिखा रखने का संदेश दिया। विभाग कार्यवाह ललित कुमार ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कहा था कि कलयुग में संगठन की शक्ति के रूप में अवतार होगा, जो हमारे सामने आज प्रत्यक्ष रूप से दिख रहा है। कार्यक्रम का संचालन विभाग संयोजक अरुण कुमार ने किया।
कार्यक्रम को देहरादून से आए क्षेत्र कार्यवाह शशिकांत, विभाग संघचालक राजकुमार, महानगर प्रचारक मनमोहन कुमार, डॉ. राजीव अग्रवाल, हेमेंद्र कुमार, सुशील कुमार, पवन, प्रमोद भारद्वाज, टीकम सिंह, मुकेश कुमार, प्रीतम, धीरज, भूपेंद्र कुमार, सुशील कुमार, एडवोकेट महेश आदि मौजूद थे।
300 बस एवं 15 हजार लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य
9 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली में 300 बस एवं 15 हजार लोगों को ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे देखते हुए प्रत्येक विधान सभा से बस एवं निजी कार आदि से लोगों को ले जाने की व्यवस्था की जा रही है। समन्वय बैठक की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक को छोड़कर जनपद के छह विधान सभा क्षेत्र के विधायक मौजूद रहे। मौजूद लोगों में संजीव राजा, संदीप सिंह, अनिल पाराशर, ठाकुर दलवीर सिंह, ठाकुर जयवीर सिंह, ठाकुर रवेंद्र पाल सिंह, राजवीर दिलेर, जिलाध्यक्ष ठाकुर गोपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत आदि शामिल हैं। विहिप, बजरंग दल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, हिंदू जागरण मंच, स्वदेशी जागरण मंच, लघु उद्योग भारती, भारतीय मजदूर संघ, विद्या भारती, क्रीड़ा भारत, संस्कार भारती, भारत विकास परिषद आदि संगठनों के नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
समन्वय बैठक में आरएसएस नेताओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए वातावरण बनाने पर जोर दिया। इस दौरान सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी कई बार जिक्र किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राम मंदिर मामले में 25 साल से हिंदू समाज कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है। ऐसे में जनभावना के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाना है कि अध्यादेश लाए। अध्यादेश लाने के लिए सरकार को मजबूर कर देना है। आरएसएस नेताओं ने कहा कि वातावरण बनाने के लिए गांव-गांव, घर-घर जाए और रैली, प्रभात फेरी निकाले। 9 दिसंबर के कार्यक्रम को लेकर पहले आगरा और उसके बाद अलीगढ़ में बैठक हुई है। कार्यकर्ताओं ने अब माइक्रो लेवल पर बैठक कर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया गया।