न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गरीबों के लिए पंजीकृत कॉलोनियों में मकान बनाना और आसान होने जा रहा है। अब उन्हें 100 वर्ग मीटर तक के क्षेत्रफल में मकान बनाने के लिए विकास प्राधिकरण अथवा आवास विकास के दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। वह स्वयं ऑनलाइन अथवा कार्यालय में जाकर नक्शे के लिए आवेदन करेगा और बगैर स्थलीय निरीक्षण के संबंधित कागजात लेकर उसका नक्शा पास कर दिया जाएगा।
सरकार ने आम लोगों की सहूलियत के लिए विकास प्राधिकरण, आवास विकास एवं निजी क्षेत्र की कॉलोनियों के 100 वर्ग मीटर तक के भूखंडों को हाई रिस्क श्रेणी से बाहर कर दिया है। साथ ही इस तरह के भूखंडों के नक्शे पास कराने से पहले मौका मुआयने की व्यवस्था भी समाप्त कर दी है।
बताते चलें कि अब तक स्वीकृत कॉलोनियों और 100 वर्ग मीटर तक के भूखंड भी हाई रिस्क श्रेणी के दायरे में थे और इनके नक्शे पास करने से पहले संबंधित विभागीय अफसर का मौका मुआयना अनिवार्य था।
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के सचिव डीएस भदौरिया ने बताया कि अब तक इस मामले में शासनादेश नहीं आया है। आने पर उसका अक्षरक्ष पालन कराया जाएगा।
लोगों ने किया सरकार के फैसले का स्वागत
- मैंने भी 100 वर्ग मीटर तक के भूखंडों को हाई रिस्क एरिया से बाहर किए जाने के सरकार के निर्णय के मामले में सुना है। विशेषतौर पर सर्वे की बाध्यता खत्म कर सरकार ने गरीबों के हित में निर्णय लिया है। यह स्वागत योग्य है।
कमल प्रताप सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक निवासी सुरेंद्र नगर
- मैं अपने क्वार्सी के पास के प्लाट का नक्शा पास कराने के लिए डेढ़ माह से सर्वे का इंतजार कर रहा हूं। संबंधित अधिकारी बार-बार आने का आश्वासन तो देते हैं, लेकिन आते नहीं हैं। सरकार के इस फैसले से राहत महसूस कर रहा हूं।
सूरज शर्मा, व्यवसायी, निवासी स्वर्ण जयंती नगर