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डिफेंस आइटमों के स्टाल रहे आकर्षण का केंद्र

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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रक्षा मंत्री, रक्षा राज्यमंत्री, मुख्यमंत्री, तीन देशों के राजदूत, सेना के आला अफसर एवं देशी-विदेशी उद्यमियों की मौजूदगी में शनिवार को हुई डिफेंस कॉरिडोर की बैठक में रक्षा उत्पादों संबंधी स्टालें सभी के आकर्षण का केंद्र रहीं। इन स्टालों पर रशियन मेड टी-90 टैंक, ओसाएकेएम गाइडेड वैपन फार मिसाइल, ग्रीन टायलेट, एमआई-17 हैलीकाप्टर, रशिया, फ्रांस व इंग्लैंड से आने वाले पार्ट्स से बने जिगुआर, सुखोई, डार्नियर-228 एयरक्राफ्ट, इस्राइल एवं यूके से आयातित उपकरणों से बने राडार के साथ डीआरडीओ ग्वालियर द्वारा बनाए गए बायोडायजेस्टर ग्रीन टायलेट से लेकर वह सबकुछ था जो रक्षा उत्पाद बनाने तथा सैनिकों के लिए प्रयोग में आता है। स्थानीय उद्यमियों ने सभी स्टालों पर जाकर पूरी दिलचस्पी से हर आइटम की जानकारी ली और अपनी क्षमता के हिसाब से आइटम बनाने के लिए आवेदन किये।

आइटम वार स्टालों का ब्यौरा
-स्टाल नंबर-1
सीओडी आगरा की सिग्नल और इलेक्ट्रानिक डिपो पर मौजूद सूबेदार ने बताया कि स्टाल पर रेडियो सैट व राडार के स्पेयर पार्ट्स हैं। इनमें प्रयुक्त डिजीकोश के बैलून के पार्ट्स फिनलैंड से मंगाए जाते हैं। जी-5 एवं बीएम-21 गन के पार्ट्स भी विदेशों से आयात होते हैं। हमारे स्टाल पर दिनभर में करीब 40-45 वेंडर्स ने विजिट की और जेनरेटर समेत अन्य पार्ट्स बनाने में दिलचस्पी लेते हुए आवेदन फार्म भी भरे। कुछ ने अपने विजिटिंग कार्ड्स भी दिये।
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-स्टाल-नंबर-2
डिफेंस रिसर्च एंड डवलपमें आर्गेनाइजेशन फोर्सेज रिक्वायरमेंट विशेष रूप से डेेली नीड्स की आपूर्ति करता है। इसमें बुलेट प्रूफ जैकेट, बुलेट प्रूफ जैकेट के अंदर पहनने वाली बेस्ट प्रमुख थी। इसकी खासियत यह है कि यह बुलेट प्रूफ जैकेट के बावजूद गोली के झटके को महसूस नहीं होने देती। इसके अलावा कानपुर लैब में डवलप किया हुआ पालीमर्स से बना ब्लास्ट प्रोटक्शन सूट, रात्रि में आठ किलोमीटर देखने की क्षमता वाला हैड हैल्ड थर्मल इमेजर, आईआरडीई देहरादून द्वारा डिजाइन होलोग्राफिक साइट, जिससे मशीन गन में सर्किल के जरिये रेंज का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। तकनीकी अधिकारी मंदीप सिंह एवं संजय कुमार ने बताया कि दिन भर में करीब 50-60 उद्यमी इनके पार्ट्स बनाने के इच्छुक हैं। यही नहीं सियाचिन ग्लेशियर पर सैनिकों को बीमारियों से बचाने को ग्रीन टायलेट भी थे। डीआरडीए के साइंटिस्ट ने बताया कि इनका प्रयोग अब रेलवे में बहुतायत में हो रहा है। इस मामले में करीब 60 लोग क्वैरी एवं निर्माण के लिए आवेदन को आ चुके हैं।

स्टाल नंबर-3
डिपार्टमेंट आफ इंटीजेनिसेशन स्टाल पर रूस द्वारा निर्मित एयर क्राफ्ट, राडार, रेडियो कंपोजीशन, असेंबली, एंप्लीफायर, एमआई-17 हैलीकाप्टर में प्रयुक्त होने वाला मल्टी फंक्शन डिस्प्ले, राडार में इस्तेमाल होने वाला रूस निर्मित मैमोरी ट्यूब, मिसाइल लांचिंग का ओसाएकेएम गाइडेड वैपन, एलाइनमेंट व्हीकल आदि थे।

वारंट अफसर केके त्यागी ने बताया कि स्टाल पर आए कई उद्यमियों के पास तकनीकी थी और उन्हें पता नहीं था कि वे उसे बढ़ाने अथवा बेचने के लिए किससे संपर्क करें। अब तक करीब 50 लोगों ने कार्ड दिये हैं तो करीब इतने ही लोगों ने इन आइटमाें को बनाने के लिए आवेदन दिये हैं।

स्टाल-4
डिपार्टमेंट आफ इंडीजेनिसेशन-मुख्यत:नेवी के लिए पार्ट्स बनाती है। लेफ्टिनेंट कमांडर केपी राजीव नायर ने बताया कि करीब 45 लोगों ने विभिन्न पार्ट्स में दिलचस्पी दिखाते हुए आवेदन किये हैं।

स्टाल-5
इंडस्ट्रीज डिफेंस इन्वेस्टर सेल ने करीब 40 लोगों की उत्कंठाओं का समाधान किया तो इनमें से ज्यादातर ने इससे संबंधित आइटम बनाने में दिलचस्पी ली। साथ ही गाइड का अध्ययन कर भविष्य में आवेदन के लिए ईमेल नंबर लिये।

स्टाल-6
आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड-यहां रशियन मेड टी-90 टैंक के पार्ट्स मौजूद थे। आईओएफएस अफसर हरमनदीप सिंह ने बताया कि ज्यादातर वेंडर हाउसिंग कास्टिंग में रुचि लेते नजर आए।

स्टाल-7
हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड-यहां पर जिगुआर, सुखोई, डार्नियर 228 एयरक्राफ्ट के रशिया, इंग्लैंड व फ्रांस से आने वाले पार्ट्स मौजूद रहे। इनकी डिजायनिंग एवं अन्य उपकरण बनाने में कई वेंडरों ने रुचि ली और आवेदन किये।

स्टाल-8
भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड-यहां सैनिकों के इस्तेमाल में आने वाला राग्ड टेकिभनकल कंप्यूटर जो वाटर व शक प्रूफ है। इसके अलावा आटो इलेक्ट्रिानिक एक्यूपमेंट, राडार का ड्राइव शाफ्ट, एसी व डीसी अडाप्टर एवं एंटीना जो इस्राइल एवं यूके से आता है। उसे बनाने में स्थानीय वेंडरों ने गहरी रुचि दिखाते हुए आन लाइन आवेदन किये।

स्टाल-9
बीईएमएल लिमिटेड-यहां मिलिट्री टैंकों में प्रयुक्त होने वाले स्लोवाकिया, चेक रिपब्लिक से आने वाला शाक आब्जरवर, इंजन ब्रेक, विद इंडीकेटर के पार्ट्स थे। यहां करीब 30 लोगों ने विजिट कर इन पार्ट्स को बनाने के लिए आवेदन किये।

स्टाल-10
भारत डायनेमिक्स लिमिटेड-रूस से खरीदे जाने वाले मिसाइल कंपोनेंट यहां थे। इनमें डायकास्टिंग पार्ट बनाने में करीब 35 वेंडरों ने रुचि लेते हुए आवेदन किये।

स्टाल-11
मिश्र धातु निगम लिमिटेड-इस स्टाल पर हवाई जहाज केएच 2001, एसबी 110 के पार्ट्स संबंधी जानकारी दी जा रही थी। इस स्टाल पर भी 43 लोगों ने जानकारी लेते हुए अपने आवेदन भरे।
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स्टाल-12, 13,14 एवं 15
मैजागान डाकशिप बिल्डर्स लिमिटेड, गार्डन रीच शिप बिल्डर्स एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड एवं फैडरेशन आफ इनोवेटिव मैन्युफैक्चरर्स के स्टाल पर जाकर भी कई वेंडरों ने अपनी उत्कंठा शांत कर आवेदन भरे।
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