न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गत महीने सऊदी अरब के मक्का गए और वहां पर फंसे अलीगढ़ के इंजीनियर सरवर अंसारी की हालत बिगड़ती जा रही है। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का वहां पर उपचार नहीं मिल पा रहा है जिससे स्थिति और जटिल हो रही है। वहां पर भारतीय दूतावास ने स्पष्ट कर दिया है कि सरवर को उमराह के लिए भेजने वाली कंपनी के माध्यम से ही उसे निकाला जा सकता है।
परिजनों के मुताबिक सरवर अंसारी कुछ दिनों पहले दिल्ली के एजेंट सूफी शकील के माध्यम से उमराह करने सऊदी अरब गया था। वहां पर वापसी में एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन अधिकारियों से विवाद होने के बाद उसे वहीं हिरासत में ले लिया गया था।
इसके बाद सरवर के खिलाफ वहां पर मुकदमा भी दर्ज हो गया। उसे वहां तीन चार दिन हिरासत में रखा गया। सरवर की मां शमशिया खातून और भाई आरिफ अंसारी ने जब यह जानकारी हेल्प डेस्क इंडिया को दी तो दुबई में रहने वाले रूपेश पाठक ने सरवर को वहां से निकलने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय और दूतावास से संपर्क किया। साथ ही एजेंट के खिलाफ भी शिकायती पत्र एसएसपी को दिलवाया था।
रूपेश पाठक ने बताया कि उनकी टीम के सदस्य अलीगढ़ के रहने वाले शाहिद और फराज सरवर के संपर्क में हैं। लेकिन तमाम कवायद के बाद बात साफ हुई है कि सरवर को उमराह के लिए ले जाने वाली कंपनी के जरिए से ही उसे वहां से वापस लाया जा सकता हैा।
जिसके लिए कपंनी उदासीन रुख दिखा रही है। रुपेश पाठक ने बताया कि सरवर की हालत खराब होती जा रही है। अगर कुछ दिन में एजेेंट सऊदी अरब जाकर सरवर के साथ कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ तो उसकी परेशानी बढ़ जाएगी। शाहिद और फराज ने बताया कि मक्का और जेद्दाह में अगस्त की शुरुआत में भीड़ आनी शुरू हो जाती है। इसलिए एजेंट को दो तीन दिन के अंदर ही यहां पर आना होगा।