न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
डीएम वार रूम पर आपत्तिजनक मैसेज, फोटो व वीडियो वायरल करने के मामले में नौ जनसेवा केंद्र बंद करा दिए गए हैं। डीएम ने कार्यदायी संस्था वयं टैक को इनकी आईडी बंद करने के आदेश दिए हैं। अब इनका निरस्तीकरण किए जाने की तैयारी है।
सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार से लेकर जन शिकायतों को एक मंच पर लाने के लिए डीएम वार रूम की स्थापना हुई थी। इस व्हाट्स एप ग्रुप से आम जनता, जन प्रतिनिधि, जनसेवा केंद्र एवं लोकवाणी केंद्र संचालकों को भी जोड़ा गया, लेकिन पिछले कई दिनों से कुछ केंद्र संचालक आपत्तिजनक वीडियो, मैसेज व फोटो वायरल कर रहे थे।
इन संचालकों को वार रूम की टीम ने खोज निकाला और चेतावनी जारी की गई। न मानने पर तहसील अतरौली के सात तो गभाना एवं खैर के एक-एक जनसेवा केंद्र को बंद करने के आदेश जारी कर दिये गए। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कार्यदायी संस्था वयं टैक को आरोपी संचालकों की आईडी बंद करने तथा रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। डीएम ने स्वीकार किया कि इन सभी केंद्रों को निरस्त करा दिया जाएगा।
झारखंड के सीएम से लेकर शहर विधायक संजीव राजा तक पर टिप्पणी
यह सभी को पता है कि डीएम वार रूम की स्थापना डीएम की पहल पर हुई है और इसकी वह खुद मानीटरिंग करते हैं। बावजूद इसके शरारती तत्वों ने आरोपी जन सेवा केंद्रों के माध्यम से वार रूम पर हिंदू मुस्लिमों पर धार्मिक टिप्पणी से लेकर झारखंड के भाजपाई सीएम, एक पार्टी विशेष को समर्थन देने यहां तक कि शहर विधायक संजीव राजा के संबंध में आपत्तिजनक पोस्ट कर दी।