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देश से खत्म हो रही मिट्टी की कुश्ती: विधायक

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देश से खत्म हो रही मिट्टी की कुश्ती: विधायक
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

देश से मिट्टी की कुश्ती खत्म हो रही है, उसे बचाने के लिए यह अच्छी पहल है। इसके लिए सबको आगे आना चाहिए।
बुधवार को ये बातें कोल विधायक अनिल पाराशर ने स्पोर्ट्स स्टेडियम के अखाड़े में कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ करने के बाद कहीं। आयोजन अलीगढ़ बॉडी बिल्ंिडग एसोसिएशन कुश्ती वेलफेयर एसोसिएशन ने किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल को बढ़ावा दे रही है। जिले में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिए प्रस्ताव तैयार कराकर भेज दिया गया है। अनिल पाराशर, मेयर शकुंतला भारती, क्रीड़ा अधिकारी रानी प्रकाश ने खलीफाओं को पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। प्रतियोगिता में 150 पहलवानों ने हिस्सा लिया। 62 कुश्तियों का मुकाबला हुआ। इस मौके पर उप क्रीड़ा अधिकारी अश्वनी कुमार त्यागी, अमित तेवतिया, तस्लीम मुख्तार, कंछी पहलवान, जयंती पहलवान, यासीन खलीफा, फरहान खलीफा, इसराइल खलीफा, शाहिद खलीफा, नदीम खांडे एसोसिएशन के अध्यक्ष यासीन शम्स, महासचिव डॉ. प्रशांत शर्मा आदि मौजूद रहे।
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जिला केसरी बने सचिन
पहलवान सचिन सैनी जिला केसरी चुने गए। इनके अलावा अलग-अलग वर्ग भार में पहलवानों ने जीत दर्ज की। इनमें विष्णु, शहबाज, इमरान, विजय, फैसल, फरहान, शहनवाज, समीर, रवि, साबिर, जीशान भाटी, सरफराज, आदिल। 11 वर्षीय शिवा आकर्षण का केंद्र रहीं। राखी, हेमू, नीरज, अंजलि ने जीत हासिल की।
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इनसेट
अखाड़े में जीते पहलवान का कोई भविष्य नहीं : मजहर
अलीगढ़। स्टेडियम में कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजक न तो खेल विभाग है और न ही मान्यता प्राप्त कुश्ती संगठन है। स्टेडियम में बुकिंग ऐसे खेल को दी जाती है, जो ओलंपिक से मान्यता प्राप्त या फेडरेशन के नियमों से खेला जाता है। मगर, आयोजक ऐसे नियम का इस्तेमाल करते हैं, जिससे पहलवान भ्रमित होता है और खेल का नुकसान होता है। यह आरोप मजहर-उल-कमर ने लगाया है। उन्होंने क्रीड़ा अधिकारी को इस संबंध में पत्र भी भेजा है। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में कुश्ती आयोजन की अनुमति दी गई, जो कुश्ती के अखाड़ों के संचालन के नाम पर जमीन कब्जाने और कुश्ती प्रेमियों को भारी भीड़ दिखाकर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है। कहा, ऐसे प्रतियोगिता के जीते हुए पहलवानों का खेल में कोई भविष्य नहीं होता है।
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