जिले में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने संक्रमितों के लिए 30 एंबुलेंस रिजर्व कर दी हैं। इन एंबुलेंस को सिर्फ कोविड मरीजों को लाने-ले जाने में प्रयोग किया जाएगा। साथ ही मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ाने पर जोर दिया है। वहीं, निजी अस्पतालों में कोविड वार्ड शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने साफ किया है बाजार में जो भी पाबंदियां लागू की हैं, उनका सख्ती से पालन कराया जाए। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट निगरानी के लिए भ्रमणशील रहें।
कलक्ट्रेट परिसर में हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने निर्देश दिए कि जनपद में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत मुख्य चिकित्सा अधिकारी कोविड-19 से संक्रमित मरीजों को लाने के लिए 30 एंबुलेंस को आरक्षित करें। सीएमओ नारायणी अस्पताल को कोविड अस्पताल के तौर पर संचालित करें। रूसा अस्पताल के संचालक सुमित सराफ द्वारा जो प्रस्ताव उपलब्ध कराए गए हैैं। उन पर मानक पूर्ण होने के उपरांत कोविड-19 अस्पताल चलाने की अनुमति प्रदान की जाए। निजी अस्पताल मंगलायतन को कोविड के तौर पर शुरू करा दिया जाए। इधर, 100 बेड अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौली को तत्काल प्रभाव से शुरू करा दिया जाए। सभी कोविड अस्पतालों में साफ-सफाई, मरीजों को दिए जाने वाले भोजन तथा दवाइयों की उपलब्धता, ऑक्सीजन की उपलब्धता पूर्ण रूप से सुचारु रहे। राजकीय होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में भी समस्त व्यवस्थाओं को पूर्ण कर लिया जाए। जिला पंचायती राज अधिकारी आवश्यकतानुसार सफाई कर्मियों को तैनात करें।
बस स्टैंड तथा रेलवे स्टेशन पर नियमित रूप से कोविड-19 की जांच के लिए सैंपलिंग की जाए। समस्त थानावार मजिस्ट्रेट/एसडीएम यह देखें कि बाजार निर्धारित समय पर ही खुलें। समस्त मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ बाजारों का निरंतर भ्रमण करते रहें। यदि कोई दुकानदार निर्धारित नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जीएम डीआईसी समस्त फैक्ट्रियों में भ्रमण कर कोविड-19 के प्रोटोकॉल/नियमों का पालन कराएं। सभी इंडस्ट्री में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना कराते हुए उसकी सूचना उपलब्ध कराएं।