ओलावृष्टि से खराब हुई किसानों की फसल को देखते सपा नेता व पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह।
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जिले में तीन और चार जनवरी को हुई बारिश ने पिछले पांच साल का रिकार्ड तोड़ दिया। दो दिन में हुई कुल 95 एमएम बारिश से जिले में करीब 30.5 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू, सरसों समेत अन्य फसलों में भारी नुकसान हुआ है। अब तक किये गए फौरी आकलन में सबसे ज्यादा नुकसान इगलास व गोंडा में हुआ है। यहां कई गांवों में 35 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। प्रशासन ने सोमवार देर रात रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इसमें 4.11 लाख रुपया क्षतिपूर्ति की मांग की गई है। मंगलवार से कृषि और राजस्व टीमें आकलन में जुट गई हैं।
जिले में 3 व 4 जनवरी को हुई बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों को रुला दिया। इससे पहले 2015 में जिले में जनवरी माह में रिकार्ड 151.8 एमएम बारिश हुई थी। उस वक्त भी किसानों को खेती में काफी अधिक नुकसान हुआ था। बारिश व ओलावृष्टि ने सबसे अधिक नुकसान इगलास तहसील के ब्लाक गोंडा के किसानों को पहुंचाया है। इगलास तहसील के गोंडा ब्लाक के गांव नगला माधव, नगला फकीरा, अजहरी, नगला जंगली में ओलावृष्टि भी हुई थी, जिससे आलू और सरसों की फसल में 35 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। चकोरी की खेती भी नगला माधव और अजहरी में होती है।
इस खेती को बारिश और ओलावृष्टि से 30 प्रतिशत करीब नुकसान हुआ है। वहीं, गभाना में पांच प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचा है। अन्य तहसीलों में भी गेहूं, आलू व अन्य फसलों को 5 से 8 प्रतिशत का ही नुकसान हुआ है। मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम, कृषि विभाग की टीम और बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों ने सर्वे किया। एडीएम वित्त विधान जायसवाल ने बताया कि जिले में 30.5 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू, सरसों, गेहूँ व चना की फसल में नुकसान हुआ है। उसका आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।