त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान जिले में 29 सरकारी कर्मचारियों की कोरोना से मौत हुई है। इनमें सर्वाधिक 16 कर्मचारी बेसिक शिक्षा विभाग के हैं। प्रशासन ने बुधवार को कर्मचारियों के मौतों के आंकड़ों पर अंतिम मुहर लगा दी। आठ आवेदन अपात्र पाए गए हैं। वहीं, चार आवेदनों में दोहराव मिला है।
सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने बताया कि चुनाव के दौरान कोरोना की दूसरी लहर चरम पर थी। ऐसे में कई कर्मचारियों की कोरोना की चपेट में आने से मौत हो गई थी। ऐसे में शासन स्तर से इन कर्मचारियों के स्वजन को 30-30 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। पिछले दिनों इसके लिए सभी पीड़ित परिवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए। इसमें जिले में कुल 41 आवेदन आए। विभागवार इनका सत्यापन कराया गया। इसमें चार आवेदनों में दोहराव मिला तो आठ आवेदन अपात्र की श्रेणी में पाए गए हैं। कुल 29 आवेदन सही पाए गए। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग के 16, उप निदेशक सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग का एक, ग्राम्य विकास विभाग का एक, माध्यमिक शिक्षा विभाग के पांच, सिंचाई एवं जल संसाधन के तीन, गन्ना विभाग का एक, अवस्थापना एवं औद्योगिक विभाग का एक, पशु पालन एवं डेयरी विभाग का एक आवेदन शामिल है। सभी का डाटा शासन में भेजा जा रहा है।