किसानों का कहना है कि आलू की बुवाई में लाखों रुपये की लागत आई थी। सरसों की 50 बीघा फसल भी डूब गई है। कई दिन पहले पटरी दुरुस्त कराने की मांग सिंचाई विभाग से की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
तहसील क्षेत्र के गांव बीसनपुर वाहनपुर और जगतपुर में बंबा की पटरी कट जाने से कई किसानों की 200 बीघा आलू और 50 बीघा सरसों की फसल पानी में डूब गई। इससे किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। दो दिन से पटरी कटी हुई, लेकिन सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग की टीम पटरी दुरुस्त करने नहीं पहुंची। इससे किसानों में रोष है।
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गांव बीसनपुर वाहनपुर निवासी किसान दिनेश भारद्वाज, धर्मवीर सिंह, सीताराम, राहुल भारद्वाज, डोरीलाल, गौरव शर्मा आदि ने बताया कि तरैंची माइनर की पटरी बृहस्पतिवार रात अचानक कट गई थी। इससे हाल ही में बोई गई उनकी आलू की फसल पानी भर जाने से जलमग्न हो गई। उन लोगों की करीब 150 बीघा से अधिक फसल बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है कि आलू की बुवाई में लाखों रुपये की लागत आई थी। सरसों की 50 बीघा फसल भी डूब गई है। कई दिन पहले पटरी दुरुस्त कराने की मांग सिंचाई विभाग से की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे उनका लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
इधर, गांव जगतपुर निवासी जयवीर सिंह, शीलू चौधरी, योगेश चौधरी ने गांव के ही रामवीर सिंह का खेत 9500 रुपये प्रति बीघा किराये की दर से लिया था। जिसमें उन्होंने एक सप्ताह पहले ही आलू की बुआई की थी। राकेश चौधरी के बाग के निकट धर्मपुर रजवाहे की पटरी बृहस्पतिवार सुबह कट गई। जिससे उनकी आलू की फसल में पानी भर गया। पीड़ितों ने कर्ज लेकर आलू की फसल बाेई थी, अब इस नुकसान से वह आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत सिंचाई विभाग से की है। इस गांव में तकरीबन 50 बीघा आलू की फसल डूब गई है।
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इस बंबा में बिजनौर से पानी छूटता है। किसानों की मांग पर ही पानी छोड़ा गया था। अब किसानों को पानी की बेहद कम जरूरत है। पानी बिजनौर से बंद करा दिया गया है। रास्ते का पानी ही बंबा में बह रहा है। पटरी कट जाने की शिकायत मिली है। जल्द ही दुरुस्त कराई जाएगी।- मनोज राव, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।