केस 1 : बेटे के उपचार से परिवार को मिली राहत
फिरोजाबाद निवासी अर्जुन ने बताया कि उनके 19 वर्षीय बेटे देवेंद्र के दिल में छेद था। बीमारी को लेकर पूरा परिवार परेशान था और इलाज की चिंता सता रही थी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बेटे का अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में निशुल्क उपचार हुआ। अर्जुन के अनुसार, इस योजना से उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है और बेटे के स्वस्थ भविष्य को लेकर उम्मीद जगी है।
केस 2 : समय पर जांच से बेटी को मिला उपचार
झांसी निवासी वीरेंद्र ने बताया कि उनकी 18 वर्षीय बेटी साधना को हृदय संबंधी बीमारी थी। स्कूल में स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची थी, जहां बीमारी का पता चला। इसके बाद टीम ने साधना को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया, जहां उसका निशुल्क उपचार हुआ। वीरेंद्र के अनुसार, उपचार के बाद उनकी बेटी अब पूरी तरह स्वस्थ है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बच्चों की निशुल्क हार्ट सर्जरी की जाती है। कार्यक्रम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।-आरएन सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ)