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Aligarh News: 2400 उपभोक्ताओं पर दो करोड़ बकाया, कनेक्शन कटने का खतरा

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क्वार्सी चीफ इंजीनियर कार्यालय। - फोटो : samvad
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जिले में अब तक तकरीबन 3.15 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं। पूर्व में 15 करोड़ रुपये का बिल भुगतान बकाया था, जिसकी 100 फीसदी वसूली हो चुकी है। वर्तमान में 2400 उपभोक्ताओं पर लगभग दो करोड़ रुपये बकाया है। इन सभी उपभोक्ताओं पर कनेक्शन काटे जाने का खतरा मंडरा रहा है।
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इसी बकाये की वजह से 19 मार्च को पूरे जिले में 31 हजार और उसके बाद 23 मार्च को 13,600 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं। 26 मार्च तक 44,600 कनेक्शन काटे जा चुके हैं। कनेक्शन काटे जाने के बाद शहर के बिजली घरों में हंगामा हुआ। सड़क जाम कर प्रदर्शन किया गया। जिसके कारण अलीगढ़ के चीफ इंजीनियर पंकज अग्रवाल को निलंबित कर दिया गया। इधर, कंट्रोल रूम में बुधवार की देर रात से बृहस्पतिवार शाम तक कहीं भी हंगामे या बड़े बिजली के फॉल्ट की कोई सूचना नहीं दर्ज हुई।
धरना दिया, तब तीन दिन बाद जुड़ी बिजली :


अलीगढ़। बिल बकाया होने पर रावणटीला निवासी रंजीत बघेल का कनेक्शन 23 मार्च की सुबह 10 बजे काट दिया गया। बकौल रंजीत इसके बाद उन्होंने अलग-अलग किस्तों में 11 हजार रुपये जमा कराए, लेकिन बिजली नहीं जुड़ी। जब तीन दिन तक परेशानी बनी रही तो घर में पानी का संकट पैदा हो गया, जिससे उनका सब्र जवाब दे गया और बृहस्पतिवार दोपहर उन्होंने रावण टीला बिजली घर में धरना देना शुरू कर दिया। जब इसका वीडियो वायरल होना शुरू हुआ तो अफसरों की नींद टूटी। उन्होंने मातहतों को मौके पर भेजा और बिजली कनेक्शन जुड़वाया।
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अब्दुल भी दौड़ते रहे जमालपुर से लाल डिग्गी तक :


अलीगढ़। अकेले रंजीत ही नहीं जमालपुर के शहंशाहबाद निवासी अब्दुल बहाव भी बिजली कटने से परेशान होकर लाल डिग्गी बिजली घर पहुंचे। वहां जीएमआर कंपनी की हेल्प डेस्क से जानकारी जुटाई। बकाया बिल का पता किया, इसके बाद भुगतान कराया। बोले-स्मार्ट मीटर का बिजली बिल भुगतान करना उनके लिए नई बात है, इसलिए समझने में थोड़ा वक्त लग रहा है। बिल जमा करने के बाद बिजली जुड़ने पर उन्होंने राहत की सांस ली।

भुगतान में पोस्टपेड और प्रीपेड का रखें ध्यान :


अलीगढ़। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वाली कंपनी जीएमआर के एक स्थानीय अफसर ने बताया कि ऑनलाइन भुगतान करते वक्त पोस्टपेड मीटर का विकल्प भी आता है, अगर इसमें क्लिक कर दिया जाए तो भुगतान पुराने मीटर के बहीखाते में चला जाता है, जिससे नए प्रीपेड मीटर का बकाया बना रहता है और कनेक्शन नहीं जुड़ पाता है। इसलिए इसका ध्यान रखना होगा।



उन्होंने कहा कि अगर बिल का भुगतान सीधे यूपीपीसीएल को करते हैं तो दो मिनट के अंदर कनेक्शन जोड़ दिया जाता है। 70 फीसदी कनेक्शन ऐसे ही जोड़े जाते हैं। 28 प्रतिशत कनेक्शन 30 मिनट के अंदर जुड़ जाते हैं। दो फीसदी कनेक्शन जुड़ने में ही देर होती है। ऐसे मामले में कोई न कोई तकनीकी दिक्कत रहती है।
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