जिले में सरकारी दफ्तरों में वित्तीय वर्ष समाप्ति को लेकर लेखा-जोखा बंदी का दबाव बढ़ गया है। जिले को साल भर में 3076 करोड़ रुपये का बजट मिला था जिसमें 2855 करोड़ रुपये खर्च हो सके हैं। अब 221 करोड़ रुपये का बजट बचा है जिसे खपाने के लिए महज दो दिन का समय बचा है।
विभागीय अफसर एवं लेखा विभाग से जुड़े कर्मचारी हिसाब-किताब मिलाने के साथ ही बचे बजट को खर्च करने में जुटे हुए हैं। कई ऐसे विभाग हैं जो बजट की आधी धनराशि भी खर्च नहीं कर सके हैं। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल से 31 मार्च के मध्य सभी सरकारी विभागों को शासन बजट जारी करता है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले के 105 विभागों को 3076 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें 2855 करोड़ का बजट केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं पर खर्च हुए हैं। अभी भी सरकारी विभागों के पास करीब 221 करोड़ बजट बचा हुआ है। बुधवार को अष्टमी के बाद बृहस्पतिवार को रामनवमी का अवकाश है। इस तरह से 29 और 31 मार्च के दो दिन ही शेष हैं। वरिष्ठ जिला कोषाधिकारी महिमा चंद्र ने बताया कि सभी विभागों को अपने खर्च किए बजट का विवरण प्रस्तुत करने को पत्र भेजा गया है।
विभाग बजट खर्च शेष
स्वास्थ्य विभाग 76 करोड़ 62 करोड़ 14 करोड़
पुलिस विभाग 344 करोड़ 299 करोड़ 45 करोड़
उप कृषि निदेशक शोध 3.39 करोड़ 2.44 करोड़ 85 लाख
अलीगढ़ खंड गंगा नहर 123 करोड़ 106 करोड़ 17 करोड़
पंचायती राज विभाग 55 करोड़ 53 करोड़ 2 करोड़
जिला निर्वाचन कार्यालय 4.84 करोड़ 4.67 करोड़ 17 लाख
जिला विकास विभाग 46 करोड़ 43 करोड़ 3 करोड़