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एक माह से नहीं बन रहे ओपन कार्ड

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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रोडवेज बसों में कैशलेस भुगतान के लिए शुरू की गई ओपन कार्ड की योजना पिछले एक माह से बंद पड़ी है। ओपन कार्ड बनाने वाली कंपनी का अनुबंध समाप्त होने के कारण ओपन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। परिवहन निगम ने एक माह बीतने के बाद भी नई ओपन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी किसी को नहीं दी है। वर्तमान में गांधी पार्क बस स्टैंड में बने काउंटर पर ओपन कार्ड एवं एमएसटी को रीचार्ज करने का ही काम हो रहा है।

रोडवेज बसों में कैशलेस भुगतान के लिए परिवहन निगम ने कुछ साल पहले ओपन कार्ड बनाने की योजना शुरू की थी। ओपन कार्ड उन लोगों के लिए अधिक फायदेमंद था जो कि सप्ताह में एक या दो दिन यात्रा करते हैं।
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ओपन कार्ड को रीचार्ज कराने के बाद परिचालक को नगद धनराशि देने के स्थान पर ओपन कार्ड से टिकट की धनराशि का भुगतान किया जा सकता है। यात्रा के दौरान उन्हें नगद रुपये रखने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन पिछले एक माह से गांधी पार्क बस स्टैंड में बने काउंटर पर ओपन कार्ड बनाने का काम नहीं हो रहा है।

गांधी पार्क बस स्टैंड सिफ्ट इंचार्ज मुनेश पाल सिंह ने बताया कि ट्राइमैक्स कंपनी का अनुबंध खत्म हो गया है। इसलिए ओपन कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। केवल एमएसटी एवं ओपन कार्ड रीचार्ज किए जा रहे हैं। अभी तक काउंटर बंद करने का आदेश भी अधिकारियों से नहीं मिला है, यदि आदेश मिलेगा तो काउंटर को बंद करा दिया जाएगा।


क्या है ओपन कार्ड
- एमएसटी कार्ड की तरह ही ओपन कार्ड होता है। एमएसटी रोजाना सफर करने वालों को लिए तो फायदेमंद है, लेकिन सप्ताह में एक या दो दिन सफर करने वालों को एमएसटी से कोई फायदा नहीं होता है। ऐसे में उनके लिए ओपन कार्ड का विकल्प एकदम सही होता है। ओपन कार्ड बनवाने और रीचार्ज कराने में भी फायदा होता है। एक हजार का रीचार्ज कराने पर 12 सौ रूपये तथा पांच का रीचार्ज कराने पर छह सौ रूपये ओपन कार्ड में मिलते हैं। इस धनराशि के प्रयोग करने की कोई अंतिम तिथि नहीं होती है।
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बयान
कंपनी का अनुबंध समाप्त हो गया है। मई के बाद या तो कंपनी को ही पुन: काम मिल जाएगा या किसी अन्य कंपनी का अनुबंध होगा। रही बात ओपन कार्ड बनने की तो सॉफ्टवेयर की कमी के कारण नए रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहे हैं। जल्द ही तकनीकि कमी को सही कर ओपन कार्ड बनाने का काम शुरू हो जाएगा।-साहिद परवेज, टीम लीडर ट्राईमैक्स
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