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गुरूग्राम के भगोड़ा हिस्ट्रीशीटर की हत्या में दो को उम्रकैद

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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
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गुरूग्राम की भौंडसी जेल से फरार हुए 50 हजार के हिस्ट्रीशीटर अपराधी व प्रापर्टी डीलर की हत्या में एडीजे-8 नंद प्रताप ओझा की अदालत से दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

उन पर 25-25 हजार रुपया जुर्माना भी नियत किया गया है। यह हत्या अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र के गांव धौरिया बंबा के पास की गई थी और अपराधी की लाश खुद की इनोवा कार में मिली थी। उसके सिर में धारदार हथियारों से चोट पहुंचाई गई थी और पैर में गोली मारी गई थी।
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हालांकि हत्या के बाद यह दर्शाने की कोशिश की गई थी कि उसे पकड़ने हरियाणा पुलिस आई थी और इसी दौरान भागते समय पुलिस ने उसे मार दिया। मगर पुलिस विवेचना में तथ्य उजागर होने पर हत्यारोपी उसके दोस्त व साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह व वादी के अधिवक्ता वीरपाल सिंह जादौन के अनुसार वाकया 29 जनवरी 2015 की सुबह का है, जब इगलास पुलिस को एक ग्रामीण ने यह सूचना मिली कि गोरई-बेसवां रोड के धौरिया बंबा के पास एक इनोवा नंबर डीएल 3सीबीडी 1865 खड़ी है, जिसमें एक लाश पड़ी है। इस सूचना पर पुलिस पुलिस ने जांच में पाया मृतक के सिर में चोट, शरीर पर चोट व पैर में गोली लगी है।

जेब की तलाशी लेने पर शव की पहचान फूल सिंह उर्फ सोनू पुत्र रामचंद्र निवासी झांड़सा थाना सदर गुरूग्राम के रूप में उसके बड़े भाई हंसराज ने की। पुलिस की सूचना पर यहां आए भाई हंसराज ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उनका भाई प्रापर्टी डीलिंग का काम करता था।

गुरुग्राम में कुछ साल पहले अलीगढ़ के गोंडा थाने के गांव रजावल का धर्मेंद्र नौकरी करता था, जहां उसके भाई की दोस्ती धर्मेंद्र से हो गई। धर्मेंद्र ने ही दोस्ती में उसे हत्या से तीन साल पहले अपने क्षेत्र में सात बीघा जमीन खरीदवाई थी। उसी की देखरेख करने वह अक्सर यहां आता था।

25 जनवरी 2015 को वह धर्मेंद्र के पास जाने की बात कहकर निकला था। 28 जनवरी की शाम को भी उसने फोन पर खुद को धर्मेंद्र के पास ही होना बताया। भाई ने धर्मेंद्र पर ही हत्या करने का शक जताकर मुकदमा दर्ज कराया। इसके आधार पर पुलिस जब धर्मेंद्र के घर पहुंची तो वहां पुलिस को बताया कि मारा गया फूल सिंह उर्फ सोनू गुरुग्राम का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है।

वहां से भौंडसी जेल से भगोड़ा है और 50 हजार का इनामी है। रात उसे गुरूग्राम पुलिस पकड़ने आई थी। यहां से वह भागा था। हो सकता है कि पुलिस ने ही उसे मार दिया हो। इस पर इगलास पुलिस ने गुरूग्राम संपर्क किया तो मृत फूल सिंह के अपराधी होने की तस्दीक हुई, मगर यह तस्दीक नहीं हुई कि गुरूग्राम पुलिस उसकी तलाश में इगलास गई है।
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इसके बाद तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने धर्मेंद्र व उसके गांव के ही ओमप्रकाश उर्फ ओमा को गिरफ्तार कर जेल भेजा। उन्होंने संपत्ति लालच में हत्या करना स्वीकारा। अदालत में चार्जशीट दायर होने पर दोनों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर आरोप तय हुए।

अदालत ने दोनों आरोपियों को उम्रकैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। एक आरोपी ओमा को ढाई हजार अतिरिक्त जुर्माना लगाया है।
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