न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
यूपी बोर्ड परीक्षा में शासन-प्रशासन की सख्ती देखकर नकलची परीक्षा छोड़ रहे हैं। पहले तो कई परीक्षाकेंद्रों पर परीक्षार्थी परीक्षा ही नहीं देने जा रहे हैं। जबकि जो गलती से जा रहे हैं, सीसीटीवी मुख्यालय कंट्रोल रूम की कार्यवाही देखकर परीक्षा छोड़ रहे हैं। मंगलवार को आयोजित दोनों पालियों की परीक्षा से 21641 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है। जबकि 109906 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। सिर्फ 88265 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है। जबकि केवल अतरौली तहसील की बात की जाए तो पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 29 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परीक्षा से किनारा कर लिया है।
बता दें कि मंगलवार को सुबह की पाली में आयोजित हाईस्कूल की हिंदी की परीक्षा में 59322 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 11269 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है। प्रारंभिक हिंदी में 128 पंजीकृत थे। जिनमें से 59 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है। इसी पाली में आयोजित इंटर की सामान्य आधारित विषय में पंजीकृत 477 में से 26 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी है। दूसरी पाली में आयोजित हिंदी की परीक्षा में 11395 में से 9712 ने परीक्षा दी, 1683 अनुपस्थित रहे। सामान्य हिंदी की परीक्षा में 38584 परीक्षार्थियों में से 8604 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है। जबकि 29980 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है। अब अतरौली की बात करें तो वहां 47770 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिनमें से 13957 परीक्षार्थी हिंदी की परीक्षा में शामिल नहीं हुए। ऐसे में सबसे ज्यादा अतरौली में 29 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी है।
परीक्षार्थियों को पकड़ाए गलत प्रश्नपत्र
मंगलवार को दूसरी पाली में कराई गई हिंदी की परीक्षा में कई परीक्षार्थियों को गलत प्रश्नपत्र बांटने का मामला सामने आया है। तोछीगढ़ निवासी छात्राओं ने अमर उजाला को बताया कि उनका आर्ट साइड की हिंदी का पेपर था, लेकिन उनको सामान्य हिंदी का पेपर पकड़ा दिया गया। इस पर उन्होंने कक्ष निरीक्षक से भी वार्ता की।
इस पर छात्राओं ने बताया कि जब उन्होंने कक्ष निरीक्षक से कहा कि हमारा पेपर दूसरा है तो डांटते हुए उसी पेपर को करने के लिए कह दिया गया। इस पर डीआईओएस ने कहा कि इसमें केंद्र व्यवस्थापक व छात्राओं दोनों की गलती है। इसका कारण है कि पहले तो केंद्र व्यवस्थापक को सीटिंग प्लान के हिसाब से ही पेपर बांटने चाहिए। वहीं छात्राओं को भी अपना पेपर मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। आएगी तो विधि अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। वहीं बता दें कि छात्राएं इस मामले में अब री एग्जाम भर सकती हैं। इस संबंध में छात्राओं के परिजनों ने बताया कि वह डीआईओएस दफ्तर में इसकी शिकायत करेंगे।