न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिन्ना प्रकरण के बाद छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, लाठीचार्ज कराने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई आदि मांगों को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों का धरना मुख्य द्वार बाब-ए-सैयद पर 10 वें दिन भी जारी रहा। सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने धरना स्थल पर ही जुमे की नमाज अदा की।
उनको समझाकर धरना खत्म कराने के लिए एएमयू प्रशासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारी लगे रहे। इस संबंध में जिलाधिकारी के साथ उनके आवास पर एएमयू शिक्षकों की समन्वय समिति की बैठक हुई। दूसरी ओर एएमयू सर्किल पर अभी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर द्वारा गठित शिक्षकों की 16 सदस्यीय समन्वय समिति के सदस्य शुक्रवार को जिलाधिकारी से उनके आवास पर मिले और धरना खत्म कराने की संभावनाओं पर विचार किया। शिक्षकों ने जिलाधिकारी को छात्रों की मांगों से अवगत कराया, जिसमें एएमयू में आकर उपद्रव करने वाले हिंदू जागरण मंच एवं अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, तीन सौ से अधिक एएमयू छात्रों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने, छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, किसी सेवानिवृत्त जज से पूरे मामले की न्यायिक जांच आदि शामिल है।
शिक्षकों की मानें तो जिलाधिकारी ने कुछ मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया है। हंगामा करने वाले दो युवकों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी हैं। हालांकि बाद में उन्हें जमानत भी मिल चुकी है। मजिस्ट्रेटियल जांच जारी है।
जिलाधिकारी से वार्ता के बाद शिक्षक एएमयू छात्र संघ के पदाधिकारियों से मिलकर उन्हें यह समझाने का प्रयास किया कि जिलाधिकारी का रुख बेहद सकारात्मक है, धरना खत्म करने का यह सबसे उपयुक्त समय है। यह भी समझाने का प्रयास किया गया कि यदि चूक गए तो बाद में परेशानी होगी।
गिरफ्तारी एवं अन्य कार्रवाई होने पर छात्रों की न सिर्फ परीक्षाएं बाधित होगी बल्कि आने वाले समय में ईद का त्योहार भी प्रभावित हो सकता है। इससे अभिभावक भी परेशान होंगे। शिक्षकों ने यह भी आश्वासन दिया कि जिलाधिकारी अधिकतर मांगे पूरी करने पर सहमत है। वहीं कुछ छात्र धरना खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं।
उनका कहना है कि 10 दिन के धरना एवं प्रदर्शन के बाद आखिर छात्रों को मिला क्या। कुछ छात्र तो सोशल मीडिया में यह भी प्रचारित कर रहे है कि गृहमंत्री ने वीसी को धरना खत्म कराने को कहा है और यूनिवर्सिटी प्रशासन उसी एजेंडे पर काम कर रहा है।