न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बांग्लादेश के होबीगंज के गांव गोहिनपुर के बच्चे मधुबनी पेंटिंग से अवगत हुए। उन्होंने न सिर्फ मधुबनी पेंटिंग की बारीकियों को उत्साह से समझा, बल्कि बनाकर भी दिखाया।
एएमयू के फाइन आर्ट के शोध छात्र इफ्तखार आलम अंसारी बांग्लादेश के ढाका के सेगुन बगीची स्थित बांग्लादेश शिल्पकला अकादमी में छह से नौ मार्च के बीच आयोजित फर्स्ट इंटरनेशनल वाटर कलर बिनाले 2018 में शामिल हुए। वेव्स ऑफ कलर्स नामक बिनाले का आयोजन इंटरनेशनल वाटर कलर सोसाइटी बांग्लादेश द्वारा किया गया था। इसमें इफ्तखार की मधुबनी पेंटिंग को भी प्रदर्शित किया गया था।
इसमें भारत के 12 कलाकारों सहित करीब 20 देशों के आर्टिस्ट शामिल हुए। खास बात यह रही कि इफ्तखार वहां होटल के बदले आठ दिन तक अपने एक मित्र पार्थो गुप्तो के घर पर ठहरे।
पार्थो गुप्तो भी चित्रकार हैं और इफ्तखार से उनकी मुलाकात जयपुर की एक प्रदर्शनी में हुई थी। इफ्तखार ने बताया कि पार्थो गुप्तो एवं उनकी पत्नी के साथ गोहिनपुर गांव के आर्ट सेंटर पर करीब 30-35 बच्चों को मधुबनी पेंटिंग के बारे में जानकारी थी। बच्चे बेहद उत्साहित थे। उन्होंने पेंटिंग भी बनाकर दिखाई।