जमीनी धोखाधड़ी में मां-बेटा समेत चार को सजा
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
टप्पल क्षेत्र में 15 साल पहले ऋण पर ट्रैक्टर दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी से जमीन का बैनामा कराने के मुकदमे में चार आरोपियों को सजा सुनाई गई है। एसीजेएम-6 प्रहलाद सिंह द्वितीय की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
अधिवक्ता मुकेश अत्री के मुताबिक वादी छिद्दी सिंह ने थाना टप्पल में चार सितंबर 2002 को रमेशचंद्र पुत्र बाबू सिंह, बत्तो देवी पत्नी बाबू सिंह, राजेंद व नेपाल पुत्र राम सिंह निवासी हामिदपुर के खिलाफ धोखाधड़ी की तहरीर दी थी।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज न कर उन्हें टहला दिया। इस मामले में अदालत में याचिका दायर हुई। जिसमें छिद्दी सिंह का आरोप था कि ऋण पर ट्रैक्टर लेने के लिए राजेंद्र व नेपाल से सलाह ली थी। इसके बाद रमेशचंद्र, राजेंद्र व नेपाल उसके घर आए।
उन्होंने कहा कि जमीन के कागजात दिखा दें तो वह उसे ट्रैक्टर दिलवा देंगे। इस पर वह उनके साथ तहसील खैर में जमीन के कागजात दिखाने चला गया। वहां तहसील के गेट पर एक अज्ञात व्यक्ति जीप लेकर आया।
उन लोगों के साथ गाड़ी में बैठ गया। सभी लोग मथुरा की ओर चल दिया। रास्ते में उन्होंने चाय ली। चाय पीने के बाद वह बेहोश हो गए। बाद में पता चला कि फर्जी तरीके से उसकी 45 बीघा जमीन का बैनामा बत्तो देवी के नाम करा लिया है।
कोर्ट ने अभियुक्त रमेश को सात साल की सजा व 85 हजार का जुर्माना, अभियुक्त राजेंद्र व नेपाल को चार-चार साल की सजा व 15-15 हजार का जुर्माना तथा अभियुक्त बत्तो देवी एक साल की सजा सुनाते हुए 30 हजार का अर्थदंड लगाया है।