ड्रोन से निगरानी, माइक के सेल निकालकर किया चेक
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
राज्यपाल की सुरक्षा बेहद कड़ी रही। दो दिन पहले ही कालेज के सभागार को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। मंगलवार को भी सभागार और लोकार्पण स्थल की बम निरोधक दस्ते ने कई बार तलाशी ली और स्निफर डॉग बार-बार कार्यक्रम स्थल को चेक कर रहे थे।
कई शिक्षकों को सभागार में घुसने का मौका नहीं मिला। माइक जिस पर पहले से ही वक्ता बोल रहे थे, राज्यपाल का नंबर आने के बाद माइक को खोलकर सेल निकालकर फिर से चेक किया गया। आयोजन स्थल पर ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई।
धनीपुर हवाई पट्टी पर मंडल आयुक्त सुभाष चंद्र शर्मा और आईजी डॉ. संजीव गुप्ता ने राज्यपाल की अगवानी की। सांसद और भाजपा के अन्य नेताओं ने उनसे मुलाकात की। जिस वक्त राज्यपाल का काफिला कालेज की ओर आ रहा था, उस वक्त एटा चुंगी और नौरंगाबाद पर यातायात रोक दिया गया। दुबे के पड़ाव से रामलीला मैदान की ओर चार पहिया वाहनों का प्रवेश सुबह से ही बंद कर दिया था।
यहां चार पहिया वाहनों को मीनाक्षी पुल की ओर डायवर्ट किया गया। राज्यपाल की सुरक्षा में तीन अपर पुलिस अधीक्षक, छह सीओ, 14 इंस्पेक्टर, 30 सब इंस्पेक्टर, 400 सिपाही और दो कंपनी पीएसी लगायी गई थी। फायर ब्रिगेड, खुफिया पुलिस, स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस भी ड्यूटी में तैनात रही।