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चुनाव के अपराधी कनेक्शन पर खुफिया नजर

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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स्थानीय लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने वाले कुछ संभावित नेताओं के अपराधियों के साथ रहे गहरे संपर्क और मौजूदा सक्रियता को देखते हुए निर्वाचन अधिकारियों ने खुफिया एजेंसियों को ऐसे अपराधियों और उनके राजनीतिक आकाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इनके संबंध में ब्यौरा जुटाया जा रहा है। साथ ही जिला कारागार प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं कि वह ऐेसे अपराधियों से मिलने के लिए आने वाले लोगों पर सतर्क नजर रखे। इस बात की पड़ताल कर ली जाए कि कहीं यह लोग जेल में रहकर चुनाव को प्रभावित तो नहीं कर रहे हैं?

निर्वाचन अधिकारियों की ओर से यह निर्देश जारी किए गए हैं कि गांव व पंचायतों के स्तर पर सक्रिय जेल में निरुद्ध ऐसे अपराधी, राजनीतिक दबंग, रसूखदारों की जेल मुलाकातों पर नजर जरूर रखी जाए। यह लोग जेल में बैठकर ही वोटों को प्रभावित करने का काम करते हैं। चाहे जो चुनाव हो, हर चुनाव में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी दल या किसी भी नेता के प्रभाव में आकर यह वोटरों को इधर से उधर करने का काम कर सकते हैं। ऐसे में इनसे होने वाली मुलाकातों पर निगरानी, मुलाकातों में सख्ती, बिना सत्यापन के मुलाकात न होना और परिवार के अलावा बेवजह मिलने आने वाले लोगों का भी सत्यापन कराया जाना जरूरी है।
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वहीं ऐसे अपराधियों पर भी सख्त निगरानी के निर्देश मिले हैं जो सीधे-सीधे नेताओं या संभावित दावेदारों के कृपा पात्र हैं। अपने जिले में ऐसे कई अपराधी और कुछ नेता हैं, जिनको कहीं न कहीं किसी न किसी नेता से कृपा मिलती है। इनमें वर्तमान में दो कद्दावर अपराधी मथुरा जेल में हैं और कुछ दूसरे प्रांतों की जेलों में हैं। इनके स्थानीय प्रमुख राजनेताओं से संपर्क जगजाहिर रहते हैं। यह नेता इन अपराधियों के नेटवर्क का लाभ न उठा पाएं, इस बात पर नजर रखी जा रही है। अन्य नेताओं के अपराधियों के साथ संपर्क पर भी नजर रखी जा रही है। जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि इन दिनों जेल में मुलाकात के लिए आने वालों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। ऐसे अपराधियों की भी सूची तैयार करने के लिए कहा गया है जिनके राजनीतिक संपर्क हैं।
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