गोंडा के गांव पींजरी नगरिया में युवती की हत्या के मुकदमे में उसकी चाची व चाची के प्रेमी को अपर सत्र न्यायालय-6 के विद्वान न्यायाधीश संजय सिंह प्रथम के न्यायालय से उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी महाराज सिंह के अनुसार वाकये के अनुसार 26 दिसंबर 2016 गांव की दिव्या उर्फ कलावती की खेत में शौच को जाते समय सुबह-सुबह गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। इसका दिव्या के पिता ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था। दौरान-ए-विवेचना पुलिस ने इस मुकदमे में दिव्या की चाची प्रेमलता उर्फ मोना, गांव के ही सोनू व मुनेश निवासी मोनी की नगरिया लोधा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इन पर आरोप था कि प्रेमलता व सोनू के बीच प्रेम संबंध थे। इसकी जानकारी दिव्या को हो गई थी। इसी राज को राज रखने के लिए इन दोनों ने मुनेश की मदद से दिव्या की हत्या की। अदालत में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों के आधार पर मुनेश को बरी कर दिया गया, जबकि प्रेमलता व सोनू को उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। वहीं आदेश दिया है कि जुर्माने से आदि राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
शशि चौहान व हरेंद्र हत्याकांड की चल रही हर रोज सुनवाई
महानगर के बहुचर्चित शशि चौहान हत्याकांड व अतरौली के गांव गहतौली निर्मल के हरेंद्र हत्याकांड की हाईकोर्ट के निर्देश पर हर रोज सुनवाई चल रही है। इसमें एडीजे-4/स्पेशल न्यायालय संजय कुमार सप्तम के यहां से गवाहों के हाजिर न होने पर उनके वारंट जारी कर दिए गए थे। मगर दो गवाह गुरुवार को कोर्ट में पेश हो गए, जिसके बाद उनके वारंट स्थगित कर दिए गए। वहीं तीसरे गवाह अवकाश पर है। इधर, शशि चौहान हत्याकांड में अब पैरवी का जिम्मा वरिष्ठ एडीजीसी को सौंपा गया है।
शशि चौहान हत्याकांड में अनूप राना उर्फ सत्तन प्रधान की गवाही है और उनके वारंट जारी किए थे। वह गुरुवार को कोर्ट में हाजिर हो गए। इसी तरह हरेंद्र हत्याकांड में अतरौली गेट चौकी पर तैनात दरोगा रामकेश राजपूत व यूपी पुलिस की नौकरी छोड़ दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए सिपाही मोहित मलिक के वारंट जारी किए थे। इनमें से मोहित मलिक हाजिर हो गए हैं, जबकि रामकेश अवकाश पर हैं।
इधर, शशि चौहान हत्याकांड में अब अभियोजन पक्ष से पैरवी का जिम्मा जिलाधिकारी ने शासन के निर्देश पर वरिष्ठ एडीजीसी चौ.जितेंद्र सिंह को दिया है। बता दें कि पहले यह मुकदमा एडीजे-1 के न्यायालय में था और वहां जितेंद्र सिंह ही पैरवी कर रहे थे। मगर अब यह मुकदमा एडीजे स्पेशल न्यायालय के यहां पहुंच गया है।