न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर एएमयू छात्रसंघ के यूनियन हॉल से हटाने के विवाद पर शुरू हुई एएमयू छात्रों की जंग में उनके समर्थन में आईटी एक्सपर्टों की टीम सक्रिय हो गई है। इस टीम ने एक विशेष अभियान सोशल मीडिया पर छेड़ा है, जिसमें 2 मई के घटनाक्रम के एएमयू से मिले सीसीटीवी फुटेज को जोड़कर एक मूवी बनाई है। पुलिस नाम से बनी इस मूवी में पुलिस फेल्यौर को दर्शाया गया है। इसमें लिखे गए तंजों से यह सोशल मीडिया टीम छात्रों के आंदोलन को समर्थन पाने के लिए प्रयासरत है।
2 मई की दोपहर 2:44 बजे एएमयू सर्किल पर सिविल लाइंस थाने से आए हिंदूवादी युवाओं की भीड़ के बाब-ए-सैयद की ओर बढ़ते समय से शुरू हुई इस मूवी की शुरुआत पुलिस नाम से होती है। इसमें वीडियो फुटेज के वह दृश्य दिखाए हैं, जिसमें युवक बाब-ए-सैयद की ओर बढ़ रहे हैं। एक पुलिस अधिकारी व कुछ सिपाही उनके साथ आगे बढ़ रहे हैं।
प्रशासनिक ब्लाक के सामने एक एएमयू सुरक्षाकर्मी के रोकने पर दो पुलिसकर्मी उसे अपने साथ धकियाकर ले जा रहे हैं। इनके साथ एक आईसक्रीम की ट्राली लिए वैंडर साथ चल रहा है। पीछे पुलिस की जीप उन्हें स्कार्ट करती चल रही है। फिर बाब-ए-सैयद पर यह युवक बेल्ट लिए हंगामा कर रहे हैं, बाद में इन्हें वापस किया जा रहा है।
4:42 मिनट की इस मूवी में बीच-बीच में तंज लिखे गए हैं कि इस पुलिस की ड्यूटी कानून व्यवस्था बनाए रखना है। हमें सुरक्षित माहौल देना है, क्योंकि हम इस देश के सम्मानित नागरिक हैं। पुलिस को मालूम था कि पूर्व उपराष्ट्रपति यहां आ रहे हैं। फिर भी यह युवक जहां तक पहुंचते हैं, वहां से पूर्व उपराष्ट्रपति के ठहरने का स्थान मात्र 100 मीटर था।
यह पुलिस की ड्यूटी थी कि वहां कोई घटना न हो। इसमें एक पुलिसकर्मी ऐसे दिखाया गया है जो एक युवक को पकड़कर आगे बढ़ा रहा है। इस वीडियो में पुलिस अफसर एस्कॉर्ट करते नजर आ रहे हैं, चाहते तो रोका जा सकता था। आइसक्रीम वेंडर इनके साथ मार्च कर रहा है, हो सकता है कि उस पर कोई हथियार हो।
पुलिस वाला एएमयू सुरक्षाकर्मी को बाब-ए-सैयद से दूर ले जा रहा है। एक पुलिस कर्मी इनको रोकने की बजाय वीडियो बना रहा है। अगर यहां पीस फुल प्रदर्शन था तो बेल्ट क्यों दिखाया गया। यह एक साजिश थी, हामिद अंसारी पर अटैक करने की।
इसमें पुलिस रही फेल कानून व्यवस्था बनाने में। पुलिस 15 बीस गुंडों को नहीं रोक पाई और छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस फेल रही मुकदमा दर्ज करने में, पुलिस ने गुंडों को संरक्षण दिया। अंत में कमेंट है कि पुलिस एक फेल्योर है।
वी स्टैंड एएमयू स्टूडेंट
इसी तरह से 1:52 मिनट की एक दूसरी मूवी में पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज के दृश्य दिखाए गए हैं, जिसमें वी स्टैंड एएमयू स्टूडेंट का नारा लिखा गया है और उसमें इस जंग में ताकत लगाइये जैसे नारे भी सुनाई दे रहे हैं।